चरित्र संदेह ने युवक को बनाया हैवान .... पत्नी के साथ तीन मासूम बच्चों का गला घोंटा.... खुद भी जान देने की कोशिश, मगर फांसी का टूटा गया फंदा .... नियति ने किए की सजा भोगने रखा जिंदा ...
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जनवरी 03, 2024
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बिलासपुर। चरित्र संदेह में एक ग्रामीण ने पत्नी और तीन बच्चों को गला घोंट मौत के घाट उतार दिया। उसने खुद भी जान देने की कोशिश की मगर नियति ने उसे किए का दंड भोगने जिंदा रखा। पत्नी और बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद उसने फांसी लगाने की कोशिश की मगर फंदा टूट गया। इसके बाद उसने घर में फिनाइल अथवा अन्य जहर ढूंढा, नही मिलने पर उसने थाना पहुंच खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी उमेश केंवट को गिरफ्तार कर लिया है। दिल दहला देने वाली यह घटना बिलासपुर के मस्तूरी थाना के ग्राम हिरीं में सोमवार की रात हुई। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने मीडिया को बताया कि बताया कि पत्नी और बच्चों की हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंच आरोपी ने कहा कि मैंने अपनी पत्नी और बच्चों को मार डाला है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक मस्तूरी के ग्राम हिरी निवासी उमेश केंवट (34 वर्ष) मजदूरी का करता है। वह पत्नी सुक्रिता (28 वर्ष) के चरित्र पर संदेह करता था। उसके तीन बच्चे खुशी (8 वर्ष), नीशा (4 वर्ष) और पवन (2 वर्ष) हैं। कुछ माह पूर्व वह मजदूरी करने के लिए झारखण्ड गया था। 31 दिसंबर की शाम वह वापस अपने गांव पहुंचा। सोमवार की रात 10 बजे परिवार के सभी सदस्यों ने खाना खाया फिर कमरे में सोने चले गए थे। कुछ देर बाद महिला बाथरूम गई। जब वह बाथरूम से निकल रही थी तभी आरोपी ने रस्सी से पत्नी का गला घोट दिया। खुद के जेल जाने और बच्चों के लावारिस होने की बात सोचकर वह कमरे में पहुंचा। और हैवानियत के साथ एक-एक कर तीनों मासूम बच्चों का भी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुदकुशी करने की कोशिश की। रस्सी बांधकर वह फांसी के फंदे में झूल गया लेकिन रस्सी टूटने से नीचे जमीन पर गिर गया। इसके बाद प जहर या फिनाइल की तलाश की। आत्महत्या करने कुछ नहीं मिला, तो वह पैदल ही मस्तूरी थाने पहुंच गया और घटना बताई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी उमेश केंवट ने बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर शक था, इसलिए उसने वारदात को अंजाम दिया।
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