बिग ब्रेकिंग : फिरौती के लिए दस वर्षीय मासूम का अपहरण कर जल्लादों ने कर दी हत्या ... करीब एक माह बाद मिला कंकाल ... पुलिस के ढुलमुल रवैया और अपहरणकर्ताओं की हैवानियत देख उबला प्रतापपुर ... प्रदर्शन और नारेबाजी से मचा रहा बवाल ....

बिग ब्रेकिंग : फिरौती के लिए दस वर्षीय मासूम का अपहरण कर जल्लादों ने कर दी हत्या ... करीब एक माह बाद मिला कंकाल ... पुलिस के ढुलमुल रवैया और अपहरणकर्ताओं की हैवानियत देख उबला प्रतापपुर ... प्रदर्शन और नारेबाजी से मचा रहा बवाल ....

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सूरजपुर। (भूपेन्द्र राजवाड़े)
सूरजपुर जिला के प्रतापपुर थाना क्षेत्र से करीब एक माह पूर्व दस वर्षीय मासूम रिशु कश्यप का  कथित तौर पर फिरौती के लिए अपहरण करने के बाद जवानों ने हत्या कर लाश करसी जंगल में फेंक दी। इस मामले में संदेही पड़ोसी जब पुलिस के हत्थे चढ़े तब मासूम की हत्या का राज खुल सका। संदेहियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना से मासूम का कंकाल बरामद कर लिया है। इधर अपहृत मासूम की हत्या की खबर फैलते ही समूचे प्रतापपुर में पुलिस की नाकामी के प्रति आक्रोश फैल गया और उद्वेलित भीड़ ने संदेहियों के घर की ओर कूच कर सड़क पर जगह जगह टायर जला प्रदर्शन करते हुए वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। नागरिकों का आक्रोश देख पुलिस भी सकते में आ गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल संदेहियों के घर को सुरक्षा घेरे में लेते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करती रही। देर शाम सूरजपुर एसएसपी शोभराज अग्रवाल ने स्थिति सामान्य और नियंत्रण में होने का दावा करते हुए कहा कि प्रतापपुर में शांति और सुरक्षा के लिए अभी भी जवानों को तैनात किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। इधर रोषित नागरिकों का कहना है कि जब बालक का अपहरण हुआ तभी संदेही पड़ोसियों के संबंध में पुलिस को जानकारी मिल गई, मगर सूचना तंत्र कमजोर होने और इच्छा शक्ति के अभाव में पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही, जिसका दुखद परिणाम मासूम रिशु की हत्या के रूप में सामना आया। यह घटना दिल दहलाने वाला है। अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। नागरिकों का आरोप का कि यदि पुलिस आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए आगे बढ़ती तो संभवत रिशु हम सबके बीच होता। परिजनों के साथ नागरिकों ने सभी हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक कथित तौर पर अपहरण कर्ताओं के द्वारा 6 लाख की फिरौती मांगी गई थी।  

यह है मामला

प्रतापपुर निवासी अशोक कश्यप का दस वर्षीय पुत्र स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा चौथी का छात्र था। गत 29 जनवरी को वह घर के सामने खेलते समय रहस्यमय ढंग से लापता हुआ था। मासूम को ढूंढने में नाकाम रहने पर परिजनों के द्वारा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इधर पुलिस ने भी मासूम को ढूंढने पूरा ताकत झोंक दिया था मगर ढूंढ पाने में कामयाब नही हो पाए थे। देर होने से परिजनों में किसी अनहोनी को लेकर चिंता के साथ रोष बढ़ रही थी। 

हर किसी की नम हो गईं आंखे

आज रविवार को मासूम की हत्या की   खबर लगते ही समूचा प्रतापपुर गुस्से से उबल पड़ा। घटना की ओर लोगो का हुजूम उमड़ पड़ा। जैसे ही लोगों ने मासूम का कंकाल देखा आंखे नम हो गईं, वहीं परिजनों की छाती फटने लगी। लोग किसी तरह परिवार जनों को संभालने की कोशिश करते रहे। इस घटना से लोगों में अंबिकापुर में हुए ऋत्विक हत्या कांड की याद ताजा हो गई।

शीघ्र होगा खुलासा

प्रतापपुर थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह ध्रुव ने बताया कि बालक के अपहरण के मामले में संदेही पड़ोसी विशाल ताम्रकार और शुभम सोनी को पकड़ जब पुछताछ की गई तो गोलमोल जवाब दे पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, जब सख्ती से पुछताछ शुरू की गई तो आरोपियों ने बालक का शव करसी जंगल में होने की जानकारी दी, संदेहियों की निशानदेही पर मासूम के शव का कंकाल बरामद किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निशानदेही पर मामले की सूक्ष्म विवेचना की जा रही है,  शीघ्र इस मामले का खुलासा किया जाएगा।

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