फर्जी दस्तावेजों से बंसू ने प्राप्त किया था 4.22 एकड़ शासकीय भूमि का पट्टा ... ! नजूल अधिकारी ने बैगर पड़ताल चढ़ा दिया था नाम ... मात्र 14 दिन में सुनवाई पूरी करते हुए सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने दिया बड़ा फैसला ... पट्टा निरस्त, बिक्री, रजिस्ट्री शून्य, शासन को वापस मिली जमीन ...

फर्जी दस्तावेजों से बंसू ने प्राप्त किया था 4.22 एकड़ शासकीय भूमि का पट्टा ... ! नजूल अधिकारी ने बैगर पड़ताल चढ़ा दिया था नाम ... मात्र 14 दिन में सुनवाई पूरी करते हुए सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने दिया बड़ा फैसला ... पट्टा निरस्त, बिक्री, रजिस्ट्री शून्य, शासन को वापस मिली जमीन ...

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  अंबिकापुर। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के माता राजमोहिनी देवी भवन के पीछे स्थित 4.22 एकड़ की गोचर मद की शासकीय भूमि का बहुचर्चित घोटाला  मामले में कलेक्टर सरगुजा भोस्कर विलास राव संदीपन ने आज गुरुवार को बड़ा फैसला देते हुए उक्त 1.710 हेक्टेयर भूमि को पूर्ववत शासकीय नजूल मद में दर्ज करने का आदेश पारित किया है। उन्होंने फर्जी नामांतरण को रद्द करते हुए बिक्री,  रजिस्ट्री को भी शून्य घोषित किया है।  इस मामले में तहसीलदार नजूल अम्बिकापुर एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अम्बिकापुर द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि नमनाकला अम्बिकापुर स्थित शासकीय नजूल भू-खण्ड क्रमांक 243/ 1 रकबा 1.710 हे. (4.22 एकड़) भूमि, जो सरगुजा सेटलमेंट में गोचर मद की भूमि है, इस भूमि को बंसु आत्मज भटकुल द्वारा अनियमित पटटा एवं विधिक प्रावधानों के विपरीत नजूल अधिकारी अम्बिकापुर के राजस्व प्रकरण पक्षकार "बंसु प्रति शासन" में पारित आदेश दिनांक 07 अक्टूबर 2022 के द्वारा अपने नाम पर कराते हुये उक्त शासकीय नजूल भूमि में से कई व्यक्तियों अनावेदकगण सतीश शर्मा, संमोगर वारियर, अभिषेक नागदेव, शेखर अग्रवाल, सुरेन्द्र कुमार अग्रवाल, अनुषा नागदेव, महेश कुमार केडिया, दिनेश कुमार को विक्रय कर दिया गया है जिससे शासन को शासकीय भूमि की क्षति हुई है। उपरोक्त प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर न्यायालय द्वारा प्रकरण को छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 50 के तहत पुनरीक्षण में ग्राहय कर सुनवाई किया गया। विधिवत अनावेद‌कगण को नोटिस जारी कर उन्हें सुनवाई का समुचित अवसर दिया गया। 

 पट्टा के जांच के बगैर किया नामांतरण

प्रकरण की जांच में पाया गया कि अनावेदक बंसु द्वारा आवेदित भूमि का पट्टा विधि के सम्यक अनुक्रम के विपरीत अभिलेखों से परे कुट-रचित तैयार कर इसका पट्टा प्राप्त किया। आवेदित भूमि को अपने नाम से राजस्व रिकार्ड दुरुस्त करने का आवेदन नजूल अधिकारी अम्बिकापुर के समक्ष प्रस्तुत किया जहां नजूल अधिकारी अम्बिकापुर पट्टे की वैधता की जांच किये बगैर विधि विपरित आदेश दिनांक 07 अक्टूबर 2022 के द्वारा उक्त आवेदित शासकीय नजूल मद की भूमि को बंसु आत्मज भटकुल के नाम से दर्ज कर दिया गया। जिसके आधार पर नजूल अधिकारी अम्बिकापुर के राजस्व प्रकरण पक्षकार "बंसु प्रति शासन" में पारित आदेश 07 अक्टूबर 2022 संहिता एवं प्रावधानों के विपरीत होने के कारण इसे दिनांक 28 मार्च 2024 को निरस्त करते हुये आवेदित भूमि मो. नमनाकला तहसील अम्बिकापुर स्थित वाद भूमि खसरा क्रमांक 243/1 में से रकबा 1.710 हेक्टेयर भूमि को पूर्ववत शासकीय नजूल मद में दर्ज करने का आदेश पारित किया गया। उक्त शासकीय नजूल वाद भूमि को स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, न्यायालय, पुलिस विभाग, नगर पालिक निगम हेतु सुरक्षित रखे जाने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही बंसु आत्मज भटकुल द्वारा सेटलमेंट में दर्ज गोचर मद की आवेदित भूमि का पट्टा विधि अनुकूल नहीं होने से अनावेदक बंसु द्वारा उक्त भूमि में से उपरोक्त अनावेदकों  को, जो भूमि पंजीबद्ध विक्रय पत्र के आधार पर विधि विपरीत विक्रय किया गया है, उसके समस्त अंतरण को अकृत एवं शून्य घोषित किया गया।

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