सरगुजा के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और कर्मचारी नेता सुजान बिंद ने रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव को ज्ञापन सौंप कर सरगुजा में रेलवे विस्तार व यात्री सुविधा बढ़ाए जाने की मांग की है। 11 सूत्रीय ज्ञापन में सुजान बिंद ने कहा है कि देश को आजाद हुए आज 75 वर्ष से अधिक हो गए किंतु सरगुजा में रेलवे का विस्तार नहीं हो पाया जबकि आजादी के पूर्व अंग्रेजों ने सरगुजा की तासीर समझ यहां रेलवे विस्तार की आवश्यकता महसूस करते हुए चिरमिरी से बरवाडीह तक का सर्वे कराते हुए नींव रखी थी जिसके अवशेष आज भी यदा-कदा देखने को मिल जाते हैं। सरगुजा में रेलवे विस्तार और सुविधाएं की कमी के कारण सरगुजा अंचल का समग्र विकास नहीं हो पा रहा है. जनता इन सुविधाओं के लिए तरस रही है। मगर सरकारों ने सरगुजा की उपेक्षा की ।
यह है प्रमुख 11 मांगे
1. भटगांव से म्योरपुर (रेणुकूट) व परसा केते से कटघोरा (कोरबा) रेलवे लाइन से जोड़ा जाए.
2. अंबिकापुर से हृाया कटनी, प्रयागराज होते हुए अयोध्या तक रेल चलाई जाए.
3. अंबिकापुर से कटनी वाया ह्राया मिर्जापुर, मुगलसराय होकर पटना तक रेल चलाई जाए,
4. दुर्ग से हजरत निजामुद्दीन को जाने वाली छत्तीसगढ़ संपर्कक्रांति एक्सप्रेस को 3 दिन दुर्ग से व 3 दिन अंबिकापुर से चलाई जाए.
5. (अ) अंबिकापुर से दुर्ग और जाने वाली ट्रेन को नागपुर (महाराष्ट्र) तक चलाई जाए (ब) अंबिकापुर से प्रातः रायपुर के लिए इंटरसिटी ट्रेन चलाई जाए.
6. चिरमिरी से रीवा चलने वाली ट्रेन को अंबिकापुर से चलाई जाए
7. सरगुजा संभाग के सभी जिलों को रेलवे से जोड़ा जाए.
8. पूर्व की भांति अनूपपुर से अंबिकापुर सुबह साढ़े 10 बजे चलने वाली ट्रेन को पुनः आरम्भ किया जाए
9. बोगियों की साफ सफाई हेतु करंजी में वाशिंग पीट की स्थापना की जाए
10. अंबिकापुर रेलवे स्टेशन का नामकरण करते हुए "महाकवि कालिदास टर्मिनल" रखा जाए,
11. अंबिकापुर में एकमात्र (डाउन) प्लेटफार्म है जिससे ट्रेनों की आवाजाही में असुविधा होती है अतः एक प्लेटफार्म (अप) की निर्माण कराई जाए अतःश्रीमान जी से विनम्र अनुरोध है कि सरगुजा के समग्र विकास के लिए उपरोक्त बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई का कष्ट करें तथा की गई।




