अहमदाबाद। खबरी गुल्लक।।
गुजरात हाईकोर्ट ने धर्म परिवर्तन का शिकार होने का दावा करने वाले लोगों पर एक बड़ा फैसला सुनाया है याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि वे मूल रूप से हिंदू थे और अन्य व्यक्तियों ने उनका धर्मांतरण कराया। इसलिए, वे स्वयं पीड़ित हैं, न कि आरोपी। हाईकोर्ट ने उनकी इस दलील को खारिज कर दिया। धर्मांतरण का यह मामला गुजरात के भरूच जिले के आमोद पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 2018 में धोखाधड़ी से उसका इस्लाम में धर्म परिवर्तन कराया गया। शिकायतकर्ता के विरोध करने पर उसे धमकाया गया। इस मामले में 16 लोग आरोपी बनाए गए हैं। इनमें से नौ नामजद हैं। इन आरोपियों में से कुछ ने प्राथमिकी रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। कोर्ट ने कहा है कि यदि ऐसे व्यक्ति बाद में अन्य लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते हैं तो उन्हें भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। न्यायमूर्ति निर्जर देसाई की अदालत ने 1 अक्तूबर को कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। गुजरात के भरूच में धर्मांतरण के 16 आरोपियों में से कुछ ने प्राथमिकी रद्द कराने के लिए गुजरात उच्च न्यायालय का रुख किया था । कोर्ट ने कहा कि ये व्यक्ति अन्य व्यक्तियों पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डालने और उन्हें लुभाने में शामिल थे। कोर्ट ने कहा कि यदि ये लोग दूसरों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित नहीं करते, तब उन्हें पीड़ित कहा जा सकता था।



