पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय अंबिकापुर का चिराग सीबीएसई 12वीं में 91 प्रतिशत अंकों के साथ हुआ सफल

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय अंबिकापुर का चिराग सीबीएसई 12वीं में 91 प्रतिशत अंकों के साथ हुआ सफल

khabrigullak.com
By -
0


अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक ।। 

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय अंबिकापुर के मेधावी छात्र चिरागदीप ने सीबीएसई कक्षा 12वीं की परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया, बल्कि सरगुजा जिले के होनहार छात्रों की सूची में भी अपना नाम दर्ज कराया है। सभी ने चिरागदीप के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

सेल्फ स्टडी और अनुशासन का कमाल

चिरागदीप की सफलता के पीछे कठिन परिश्रम और अनुशासित जीवनशैली है। उनके पिता रंजन सोनी और माता आरती सोनी ने बताया कि बेटे ने सेल्फ स्टडी पर विशेष जोर दिया। चिरागदीप ने खबरी गुल्लक को बताया कि वे रोज सुबह 5 बजे उठते थे और 2 घंटे पढ़ाई करते। स्कूल से लौटने के बाद 4-5 घंटे की अतिरिक्त सेल्फ स्टडी साल भर जारी रही। उन्होंने एनसीईआरटी किताबों को आधार बनाया, हर सप्ताह रिवीजन का सख्त टाइम टेबल फॉलो किया। सबसे खास बात, इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया और मोबाइल से पूरी दूरी बनाए रखी, जो आज के दौर में युवाओं के लिए बड़ा संदेश है।

शिक्षकों और परिजनों का मार्गदर्शन

विद्यालय के प्राचार्य ने चिरागदीप की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह शुरू से ही अनुशासित और जिज्ञासु छात्र रहा है। क्लास में हमेशा सवाल पूछता था और डाउट क्लियर करने में सबसे आगे रहता था। उनकी यह सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत है। पिता रंजन सोनी, जो एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, ने बताया, हमने कभी बेटे पर नंबरों का दबाव नहीं बनाया। बस इतना कहा कि मेहनत में कमी मत रखना। आज उसने हमारा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। माता आरती सोनी खुद एक शिक्षिका हैं। उन्होंने परीक्षा के दिनों में चिरागदीप का खाना-पीना, नींद और मानसिक स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा तथा सही मार्गदर्शन प्रदान किया। चिरागदीप ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों, खासकर राजू गुप्ता जी और माता आरती सोनी को दिया।


**JEE एडवांस की तैयारी, सपना IIT से देशसेवा**

उच्चsecondary की सफलता के बाद चिरागदीप अब JEE एडवांस की तैयारी में जुट चुके हैं। उनका सपना आईआईटी से इंजीनियरिंग करने के बाद एक सफल व्यक्ति बनकर देश की सेवा करना है। यह उपलब्धि न केवल परिवार का गौरव बढ़ा रही है, बल्कि Surguja जिले के हजारों छात्रों को मेहनत और अनुशासन का पाठ पढ़ा रही है।



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)