ब्रेकिंग: सरगुजा रेंज की पुलिस ने फर्जी लिंक और वेबसाइड से लाखों की ठगी करने वाले अंतरराज्जीय ठग गिरोह के 6 सदस्यों को देवघर झारखण्ड से किया गिरफ्तार,IG के निर्देश पर हुई कार्रवाई

ब्रेकिंग: सरगुजा रेंज की पुलिस ने फर्जी लिंक और वेबसाइड से लाखों की ठगी करने वाले अंतरराज्जीय ठग गिरोह के 6 सदस्यों को देवघर झारखण्ड से किया गिरफ्तार,IG के निर्देश पर हुई कार्रवाई

khabrigullak.com
By -
0

अंबिकापुर ।।खबरी गुल्लक।।

साइबर रेंज थाना सरगुजा रेंज की एक चुस्त कार्यवाही में देवघर  झारखण्ड से 6 अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों पर पीड़ितों को लुभाने के लिए विभिन्न फर्जी एपीके  फाइलें व लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर, ई-सिम एक्टिवेशन के माध्यम से खातों से लाखों रुपए की हेराफेरी करने का गंभीर आरोप है। 

सीसीपी राहुल बंसल ने बताया कि  पत्थलगांव जशपुर निवासी उमेश खुटे ने  11 सितंबर 2025 को पत्थलगांव थाने शिकायत दर्ज करायी कि किसी लिंक व 5G सिम अपडेट के नाम पर उसके बैंक खातों से कुल 5,53,900 की ऑनलाइन ठगी कर ली गई।  

 मामले की गंभीरता के मद्देनजर  पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज  दीपक कुमार झा ने प्रकरण की अग्रिम विवेचना हेतु साइबर रेंज थाना को आदेशित किया। नोडल अधिकारी, साइबर रेंज थाना व नगर पुलिस अधीक्षक  राहुल बंसल के निर्देश पर विशेष टीम को देवघर भेजा गया।   पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई कर देवघर में घेराबंदी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में ठगी की स्वीकारोक्ति की। उनसे 10 मोबाइल, पासबुक, चेकबुक और नगद कुल 51,000 जब्त किए गए।  

इस तरह देते थे अंजाम

 आरोपियों के मोबाइलों की तलाशी में पाया गया कि वे पीड़ितों को PM.apk, PM.AVAS.apk, Yojana.apk, RTO_Challan.apk, "Parivahan.apk आदि नामों से एपीके फाइलें और लिंक भेजते थे। इन फाइलों पर क्लिक करने मात्र से ही पीड़ित के मोबाइल की सभी संवेदनशील जानकारियाँ सभी एसएमएस, ओटीपी से आरोपियों के मोबाइल पर पहुँच जाती थीं। फिर वे बैंक ओटीपी देखकर खातों से धन निकाल लेते और विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर एटीएम से नगद करवा लेते थे। आरोपियों ने बताया कि वे प्रतिदिन लगभग 2,500 लोगों को ऐसे एपीके लिंक भेजते थे। गिरोह के प्रमुख ने कई एजेंटों को भी काम पर रखा था, जिन्होंने लाखों लोगों को ऐसे लिंक भेजे और कई के साथ ठगी की।  

ई-सिम ठगी:आरोपी मोबाइल एक्सेस लेकर पीड़ित के नाम से ई-सिम के लिए आवेदन करते और उस ई-सिम को अपने मोबाइल पर सक्रिय कर यूपीआई के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करवा देते थे। इसके बाद धन को अन्य खातों में भेजकर निकाल लिया जाता था।  

                इस गिरोह का ढांचा बड़े पैमाने पर व्यवस्थित पाया गया। इससे संबंधित पहले के प्रकरण थाना कांसाबेल जशपुर अपराध में मधुपुर देवघर और पत्थलगांव से गिरफ्तार 2 आरोपियों द्वारा इसी प्रकार की धोखाधड़ी से 29,15,000 की ठगी की जानकारी भी मिली। एक मामले में बैंक के एक कर्मचारी गार्ड ने ग्राहक रामनिवास राम को मदद के बहाने एपीके फाइल डाउनलोड करा दी, जिससे धोखाधड़ी हुई; संबंधित आरोपी को मधुपुर से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। चल रही जांच में और भी संदिग्धों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।  

यह हैं आरोपी 

1. संतोष कुमार दास  

2. पप्पू महरा  

3. प्रयाग दास  

4. राजकुमार मंडल  

5. आर्यन कुमार  

6. नित्यानंद

                इस कार्यवाही में रेंज साइबर थाना के निरीक्षक अश्वनी सिंह, निरीक्षक कलीम खान सहित अन्य पुलिस कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे।  पुलिस ने संभावित पीड़ितों और बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई और ठगी की तकनीकी पड़ताल तेज कर दी है।  

जनहित सूचना व सावधानियाँ:

किसी भी अज्ञात लिंक या अज्ञात स्रोत से प्राप्त किसी भी .apk फाइल को डाउनलोड न करें।  

फोन पर किसी भी वित्तीय सूचना, ओटीपी या बैंक विवरण को साझा न करें। बैंक कभी भी फोन या SMS द्वारा आपका पूरा पासवर्ड/OTP/पिन नहीं माँगते।  

- किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना तत्क्षण स्थानीय पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस को दें।  

पुलिस की अपील

नागरिकों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और अनजान स्रोतों से प्राप्त संदेशों व ऐप्स पर क्लिक न करें। किसी भी शक की स्थिति में नजदीकी थाना या साइबर रेंज थाना से संपर्क करें।



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)