Chhattisgarh Pradesh Congress Committee General Secretary Dwitendra Mishra supported the Chief Justice's cockroach statement. छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव द्वितेंद्र मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश के काकरोच बयान का किया समर्थन .. कहा मौजूदा परिदृश्य में यह बयान है फिट ..! फर्जी डिग्री धारी अयोग्य युवा भीतर तक घुस सिस्टम को कर रहे प्रभावित

Chhattisgarh Pradesh Congress Committee General Secretary Dwitendra Mishra supported the Chief Justice's cockroach statement. छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव द्वितेंद्र मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश के काकरोच बयान का किया समर्थन .. कहा मौजूदा परिदृश्य में यह बयान है फिट ..! फर्जी डिग्री धारी अयोग्य युवा भीतर तक घुस सिस्टम को कर रहे प्रभावित

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा फर्जी डिग्री धारियों को काकरोच की संज्ञा दिए जाने का समर्थन करते हुए छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी  के महासचिव द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा है कि मौजूदा परिदृश्य में सर्वोच्च न्यायालय का यह बयान फिट बैठता है।  मुख्य न्यायाधीश द्वारा फर्जी डिग्री धारियों को लेकर यह बयान दिया गया था। 16 मई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश  सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी, जिसमें मीडिया में बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच  बताए जाने के रूप में रिपोर्ट किया गया था। एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जिन्हें नौकरी नहीं मिलती या पेशे में जगह नहीं मिलती। उनमें से कुछ मीडिया, सोशल मीडिया और आरटीआई एक्टिविस्ट बन जाते हैं और सिस्टम पर हमला करना शुरू कर देते हैं। अदालत ने यह स्पष्ट किया था कि यह टिप्पणी फर्जी या संदेहास्पद डिग्री के जरिए वकालत कानूनी पेशे में घुसने वालों के संदर्भ में की गई थी, न कि सामान्य रूप से देश के सभी बेरोजगार युवाओं के लिए।  

सुप्रीमकोर्ट जैसी सर्वोच्च संस्था के प्रमुख का जमीनी हकीकत पर अपनी प्रतिक्रिया बेबाक तरीके से रखना प्रशंसनीय ही नहीं बल्कि समाज में व्याप्त हो रही इस गंभीर सामाजिक  बुराई (बीमारी)के प्रति हो रही चिंता को रेखांकित करता है. 

वास्तविकता तो यही दिखाई देता है कि बहुत से बेरोजगार युवा, जो किसी उद्यम अथवा स्व रोजगार, या कि किसी भी प्रगति शील कारोबार जिसमें मेहनत के साथ अपनी बेरोजगारी को दूर कर सकते हैं.को ना अपना कर 4-5 हजार का कैमरा-माइक ले लिया और बन गए पत्रकार, ना उचित शिक्षा, ना कोई सिद्धांत,  ना कोई जानकारी, बस हमेशा हर किसी में कमी ढूँढते फिरते रहते हैं. ऐसे युवा कई बार शातिर लोगों के हथियार भी बन जाते हैं. आसान रास्तों से होने वाली अवैध आमदनी कई युवाओ को गलत राहों की ओर ले जाता है. जो देश, समाज और खुद उनके लिए दुखदाई साबित होता है. ऐसी ही स्थिति कमोबेश आर टी आई कार्यकर्ताओं की भी दिखाई देती है. किसी भी R T I ऐक्टिविस्ट के अतीत में झाँक कर देख लीजिए, और बाद की स्थितियों को देखिए अन्तर स्पष्ट दिख जायेगा. ऐसे युवाओं को देश के मुख्य न्यायाधीश कॉकरोच की संज्ञा दे रहे हैं तो, वे अपनी चिंता प्रकट कर रहें हैं. उन्होंने सभी युवाओ के लिए बिल्कुल नहीं कहा. यही हाल सोशल मीडिया का हो गया है. कहीं भी कोई कंट्रोल नहीं है. 

अब मुख्य न्यायाधीश महोदय की चिंता को गंभीरता से लेते हुए सरकारों को अपने स्तर पर चेक पॉइंट लगाना चाहिए. केंद्र सरकार को भी, और राज्य सरकारों को भी आपने अपने स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जाने की आवश्यकता. जिससे सही और सच्चे पत्रकारों की तथा सच्चे R T I activists, सच्चे समाज सेवकों की मर्यादा बची रहे।

 प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के महासचिव द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा है कि  मुख्य न्यायाधीश का यह बयान मौजूदा परिदृश्य में फिट बैठता है। फर्जी डिग्रीधारी न सिर्फ अयोग्य हैं बल्कि सिस्टम को प्रभावित करते हुए देश की दशा और दिशा को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कई अयोग्य युवा फर्जी मीडिया कर्मी बन ब्लैक मेलिंग में लगे हुए हैं। कुछ आरटीआई कार्यकर्ता बन सूचना के अधिकार कानून को कमाई का जरिया बना लिए हैं। वकालत के क्षेत्र में भी कुछ फर्जी डिग्री धारियों से यही स्थिति है। ऐसे तत्व काकरोच के समान पूरे समूचे सिस्टम को प्रभावित करते हैं। 

उन्होंने इसके लिए सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्ट सिस्टम भी इसके लिए जिम्मेदार है। नीट यूजी जैसी परीक्षा का पेयर लीक हो जाता है। यदि यह उजागर नहीं होता तो फिर अयोग्य युवा सिस्टम को प्रभावित करते। केवल प्रतियोगी परीक्षा नहीं बल्कि हर सेक्टर में कामकाज में कसावट लाई जानी चाहिए।


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