जैव विविधता और वेटलैंड संरक्षण पर अंबिकापुर में संभाग स्तरीय कार्यशाला .. सांसद चिंतामणि महाराज ने दिया जल है तो कल है का संदेश..

जैव विविधता और वेटलैंड संरक्षण पर अंबिकापुर में संभाग स्तरीय कार्यशाला .. सांसद चिंतामणि महाराज ने दिया जल है तो कल है का संदेश..

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अम्बिकापुर।। खबरी गुल्लक।।14 मई 2026
अम्बिकापुर सरगुजा वनमंडल के काष्ठागार में गुरुवार को जैव विविधता एवं वेटलैंड संरक्षण विषय पर एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य लोगों में जैव विविधता संरक्षण और वेटलैंड के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद चिंतामणि महाराज उपस्थित रहे। उन्होंने जल है तो कल है का संदेश देते हुए स्टॉप डैम एवं चेक डैम के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही मैनपाट क्षेत्र के जलाशयों एवं प्रदूषण मुक्त वेटलैंड संरक्षण पर बल दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लुण्ड्रा विधायक श प्रबोध मिंज
ने कहा कि जंगल एवं पर्यावरण संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। कार्यशाला में टेंगुपुर बांध को प्रस्तावित रामसर वेटलैंड साइट के रूप में विकसित करने के प्रयासों की जानकारी भी दी गई।इसके साथ ही जैव विविधता प्रबंधन समिति (BMC), पीबीआर (PBR) एवं स्थानीय जैव संसाधनों के संरक्षण तथा Access and Benefit Sharing (ABS) संबंधी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के आयोजन में नव आस्था जन विकास सेवा समिति का सहयोग रहा। 

कार्यशाला में  जिला पंचायत उपाध्यक्ष  देवनारायण यादव,  उपाध्यक्ष जिला पंचायत सरगुजा, मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वनवृत्त  दिलराज प्रभाकर, वनमंडलाधिकारी सरगुजा वनमण्डल श अभिषेक जोगावत, आईएफएस प्रोबेशनर सुश्री श्वेता कम्बोज, नोडल अधिकारी वेटलैण्ड सरगुजा वनमण्डल श्रीमती जेनीग्रेस कुजूर , छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के विषय विशेषज्ञ डॉ. नीतू हरमुख वैज्ञानिक एवं  प्रतीक वर्मा विधि सलाहकार, जिला वेटलैण्ड संरक्षण समिति के सदस्य, संभाग के उपवनमण्डलाधिकारी, वनपरिक्षेत्राधिकारी, परिसर रक्षक, एनआरएम इंजीनियर, वानिकी तकनीकी सहायक, वेटलैण्ड मित्र एवं जैव विविधता प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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