उत्तर प्रदेश के बदमाशों का सुरक्षित ठिकान बन रहा अंबिकापुर.., आदिवासी अंचल सरगुजा की शांत फिजा में घोल रहे जहर, देर रात पिस्टल दिखा डाली डकैती.. दो आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बदमाशों का सुरक्षित ठिकान बन रहा अंबिकापुर.., आदिवासी अंचल सरगुजा की शांत फिजा में घोल रहे जहर, देर रात पिस्टल दिखा डाली डकैती.. दो आरोपी गिरफ्तार

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।। 14 मई 2026

 छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में अपराध का साया गहरा रहा है। उत्तर प्रदेश के अपराधी अब अंबिकापुर को अपना सुरक्षित ठिकाना बना चुके हैं, जहां किराए के मकानों से लैस होकर वे खुलेआम डकैती की वारदातें कर रहे हैं। पुलिस ने एक ऑटो चालक से मोबाइल लूटने वाले दो आरोपी वैभव मिश्रा और लवकुश कुमार को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार तो किया, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि बाहरी अपराधी आदिवासी सरगुजा अंचल की शांत फिजा को अशांत करने में कैसे कामयाब हो रहे हैं।

 रात के अंधेरे में हुई डकैती

12 मई 2026 को रात करीब 12:40 बजे, धमेन्द्र यादव पिता गणेश प्रसाद यादव निवासी कल्याणपुर जयनगर, जिला सुरजपुर शादी समारोह  कोलडीहा से ऑटो लेकर घर लौट रहे थे। ग्राम घंधरी गेरवानी नाला के पास पहुंचते ही 6 पल्सर मोटरसाइकिलों पर सवार 10- 12 लुटेरे पहुंचे। उन्होंने ऑटो के सामने बाइकें खड़ी कर रुकवाया और पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी। एकवा कंपनी का मोबाइल लूटकर वे सकालो की ओर भाग निकले। पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में  धारा 126(2), 310(2) बीएनएस और 25 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लेकिन सवाल बरकरार  

वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद साइबर सेल अंबिकापुर और थाना गांधीनगर की संयुक्त टीम बनी। घटनास्थल पर पूछताछ और प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग के सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान हुई। वैभव मिश्रा 20 वर्ष पिता ज्ञान प्रकाश मिश्रा मूल निवासी पुरेचेरे गुड़वार सुल्तानपुर UP वर्तमान ठिकाना राजा गैस गोदाम के पास अंबिकापुर और लवकुश कुमार 24 वर्ष पिता  बंसीराम मूल निवासी कुड़वार सुल्तानपुर UP वर्तमान ठिकाना सरगांवा में किराए का मकान को दबिश देकर हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया। न्यायिक रिमांड पर भेजे गए। टीम में थाना प्रभारी राजेश खलखो, प्रवीण द्विवेदी, सहायक उपनिरीक्षक अजीत कुमार मिश्रा सहित अन्य शामिल रहे।

 बाहरी अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बनता अंबिकापुर 

दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के हैं, जो अंबिकापुर के सरगांवा क्षेत्र में किराए के मकान लेकर रहते थे। पिस्टल से लैस होकर उन्होंने यह वारदात की। यह पहला मामला नहीं उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य राज्यों के अपराधी सरगुजा को निशाना बना रहे हैं। लचर पुलिस व्यवस्था और किराए के मकानों पर सतत निगरानी की कमी से वे आसानी से घुसपैठ कर वारदातें कर भाग जाते हैं। नतीजा? न सिर्फ सरगुजा, बल्कि पूरा संभाग अशांत हो रहा है। आदिवासी अंचल की शांत फिजा जहरीली हो रही, जहां अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।

 कठोर कदम जरूरी

स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि किराए के मकानों में पुलिस सत्यापन अभियान चलाना जरूरी है। बाहरी अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत हो और सीमावर्ती चेकपोस्ट सख्त। अन्यथा, सरगुजा की शांति पूरी तरह भंग हो जाएगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शेष फरारों को जल्द पकड़ा जाएगा, लेकिन व्यवस्था में सुधार के बिना यह सिलसिला रुकेगा नहीं।


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