बालबंदी गृह अंबिकापुर से 11 अपचारी बालकों के फरार होने के बाद सरगुजा कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संस्था का किया निरीक्षण.. सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता करने दिए निर्देश

बालबंदी गृह अंबिकापुर से 11 अपचारी बालकों के फरार होने के बाद सरगुजा कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संस्था का किया निरीक्षण.. सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता करने दिए निर्देश

khabrigullak.com
By -
0

 

अम्बिकापुर।। खबरी गुल्लक।।

संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के बालबंदी गृह से 11 अपचारी बालकों के फरार होने की घटना को गम्भीरता से लेते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत आज 24 जून को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के साथ शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह बालक  का निरीक्षण कर संस्था की आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा बच्चों के रहन-सहन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया, कलेक्टर ने सुरक्षा के इंतजाम को और पुख्ता करने निर्देश दिए। बालबंदी गृह से 23 जून को दोपहर बाद झमाझम बारिश होने के दौरान 11 अपचारी बालकों ने चमक गरज की आवाज का फायदा उठाया और दिन दहाड़े खिड़की की ग्रिल उखाड़ फरार हो गए थे। गांधीनगर पुलिस फरार अपचारियों की तलाश कर रही है । 

इधर इस घटना के दूसरे दिन आज बुधवार को संस्था का निरीक्षण के दौरान कलेक्टर  अजीत वसंत ने संस्था भवन की सभी खिड़कियों, निकास मार्गों (एग्जिट पॉइंट्स) तथा सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया। उन्होंने भवन की आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही किशोर न्याय बोर्ड के प्रवेश द्वार की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए वहां कंटीले तार लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर श्री वसंत ने संस्था में निवासरत बच्चों से आत्मीय एवं सहज वातावरण में संवाद स्थापित किया तथा उनके दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, अध्ययन व्यवस्था तथा उनकी नियमित दिनचर्या के संबंध में चर्चा की और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना।

उन्होंने कहा कि बाल संप्रेक्षण गृह में निवासरत प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास सुनिश्चित करना  सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बच्चों को सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। कलेक्टर  अजीत वसंत ने संस्था के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों की देखरेख में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए और उनकी आवश्यकताओं का समय पर निराकरण किया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो सके।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल संरक्षण से जुड़े संस्थानों में नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी के माध्यम से बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनकी सुरक्षा तथा समुचित विकास सुनिश्चित किए जाएं । इस दौरान एसडीएम  बनसिंह नेताम सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)