जिला सरगुजा मैनपाट के ग्रामीणों ने क्षेत्र में प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना की जनसुनवाई को स्थगित करने की मांग की है। ग्राम नर्मदापुर, कुनिया, पथरई, लुरैना, कमलेश्वरपुर और सरभंजा समेत प्रभावित ग्रामों की ओर से कलेक्टर कार्यालय को भेजे गए एक पत्र में आरोप लगाया गया है कि जनसुनवाई से पहले आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है, इसलिए वह अवैध और शून्य है।
खबरी गुल्लक के मैनपाट संवाददाता महेश यादव ने बताया कि ग्रामीणों का कहना है कि तहसील कार्यालय द्वारा 19 जून 2026 को जनसुनवाई की तिथि की सूचना ग्राम पंचायतों को दी गई, जबकि नियम के अनुसार जनसुनवाई की सूचना क्षेत्र में प्रचलित दो पत्रिकाओं/अखबारों में 30 दिन पूर्व प्रकाशित की जानी चाहिए थी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि 46 प्रभावित पंचायतों का राज्य प्रभाव आकलन प्राधिकरण को पहले से सूचित कर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराना कानूनी अनिवार्यता है, परन्तु यह कदम जनसुनवाई से पहले नहीं उठाया गया।
अधिकारियों द्वारा प्रभावित ग्रामों में ग्रामसभा की सहमति भी नहीं ली गई, जो कि प्रस्तावित जनसुनवाई को शून्य बनाती है, ऐसा पत्र में उल्लेख है। इन प्रक्रियाओं के उल्लंघन से स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश है, पत्र पर लक्ष्मण मुड़ी व अन्य क्षेत्रवासियों के हस्ताक्षर हैं।
स्थानीय लोगों ने कलेक्टर, सरगुजा से अपील की है कि उपरोक्त कारणों से जनसुनवाई को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए तथा संबंधित क़ानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित कराने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई के बीच लगते रहे नारे




