अंबिकापुर। खबरी गुल्लक।।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार झा ने शनिवार को रेंज के सभी जिलों के यातायात नोडल अधिकारियों एवं ई-डीएआर के डीआरएम सदस्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए ब्लैक स्पॉट्स के सुधार, डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने, ई-चालान प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन तथा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आईजी श्री झा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों और आम नागरिकों की सहभागिता से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल सुधारात्मक कार्य सुनिश्चित किए जाएं तथा सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को लगातार जागरूक किया जाए।
ब्लैक स्पॉट्स पर प्राथमिकता से होंगे सुधार कार्य
बैठक के दौरान रेंज के विभिन्न जिलों में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की समीक्षा की गई। आईजी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इन स्थलों पर आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि तीखे मोड़ों और खतरनाक ढलानों में आवश्यक सुधार, सड़क के बड़े गड्ढों की शीघ्र मरम्मत, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों से पहले बड़े एवं स्पष्ट चेतावनी संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग तथा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रंबल स्ट्रिप्स और अन्य गति नियंत्रण उपाय प्रभावी रूप से लगाए जाएं।
बैठक में यह भी बताया गया कि पूर्व में चिन्हित कुछ ब्लैक स्पॉट्स पर किए गए सुधारात्मक कार्यों से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। एनएच-43 के नावापारा ब्लैक स्पॉट, सम्राट पेट्रोल पंप के समीप तथा कटनी–गुमला मुख्य मार्ग स्थित लुण्ड्रा चौक पर संकेतक बोर्ड, रोड मार्किंग एवं अन्य सुरक्षा उपायों के बाद दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। आईजी ने इन सफल मॉडलों का अध्ययन कर रेंज के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार के सुधार लागू करने के निर्देश दिए।
डायल-112 का रिस्पॉन्स टाइम होगा और बेहतर
डायल-112 की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए आईजी दीपक कुमार झा ने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रत्येक मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सूचना मिलते ही उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर पीड़ितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा रिस्पॉन्स टाइम में लगातार सुधार किया जाए।
उन्होंने निजी आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर भी संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित करने तथा पुलिस कंट्रोल रूम एवं डायल-112 के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने के निर्देश दिए।
सभी जिलों में लागू होगी ई-चालान व्यवस्था
बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सरगुजा एवं एमसीबी जिलों में ई-चालान पोर्टल का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। इस पर आईजी ने रेंज के अन्य जिलों को भी आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर मोटरयान अधिनियम के तहत ई-चालान प्रणाली का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कार्रवाई अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
जशपुर मॉडल की तर्ज पर चलेंगे जागरूकता अभियान
यातायात जागरूकता अभियान की समीक्षा के दौरान जशपुर पुलिस द्वारा एक ही दिन में 766 गांवों में आयोजित यातायात जन-चौपाल की सराहना की गई। इस अभियान के माध्यम से लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट तथा यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया था।
आईजी ने निर्देश दिए कि सरगुजा रेंज के सभी जिले जशपुर मॉडल को अपनाते हुए गांवों, स्कूल-कॉलेजों, हाट-बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जन-चौपाल, बैनर, पोस्टर, पम्पलेट और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएं।
उन्होंने भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की "राह-वीर योजना" का भी अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर सहायता मिल सके तथा जनभागीदारी के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम किया जा सके।
बैठक में सरगुजा रेंज के सभी यातायात नोडल अधिकारी, ई-डीएआर के डीआरएम सदस्य तथा रेंज कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




