अम्बिकापुर/रायपुर।खबरी गुल्लक
पुरानी पेंशन बहाली व अन्य सात सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ ने 10 जुलाई को डंगनिया, रायपुर में एक दिवसीय विशाल आम सभा एवं धरना आयोजित कर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर 15 अगस्त तक आदेश नहीं जारी किए गए तो 17 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
महासंघ का गुस्सा पिछले साल के आंदोलन के बाद कंपनी प्रबंधन द्वारा 17 अक्टूबर 2025 को दिए गए लिखित आश्वासन के बाद और बढ़ा, जब कंपनी ने राज्य सरकार से मंजूरी लेकर पुरानी पेंशन बहाली का आदेश शीघ्र जारी करने का वादा किया था। आठ महीने बीतने के बावजूद कोई ठोस परिणाम न मिलने पर कर्मचारी फिर से सड़कों पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं। महासंघ ने पहले चरण में 1 से 30 जून 2026 तक हस्ताक्षर अभियान चलाकर अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर जुटाए। दूसरे चरण में 10 जुलाई को कंपनी मुख्यालय के सामने बड़ी आम सभा और धरना देकर कंपनी के चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा गया। महासंघ ने साफ कहा कि अगर 15 अगस्त तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई न हुई तो 17 अगस्त से अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन में जाकर अपनी आवाज ऊँची कर दी जाएगी। धरना प्रदर्शन में सरगुजा संभाग से 50 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए, साथ ही अन्य कई संगठनों ने भी समर्थन की घोषणा की और 17 अगस्त से शुरू होने वाले अनिश्चितकालीन हड़ताल में समर्थन का भरोसा दिलाया। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के प्रदेश नेतृत्व तथा अखिल भारतीय मजदूर संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उपस्थित नेताओं ने कंपनी प्रबंधन की वादाखिलाफी को कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। महासंघ ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन बार-बार आश्वासन देता आया है पर अमल नहीं हुआ। इसी भरोसे पर कई कर्मचारियों के अधिकार और भविष्य दांव पर लगे हैं। महासंघ ने मांग की है कि कंपनी तत्काल पुराने पेंशन को बहाल करने का आदेश जारी करे, संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करे, नई भर्ती के लिए समयसीमा तय करे तथा वेज रिवीजन लागू होने तक 20% अंतरिम राहत का प्रावधान करें। साथ ही ठेका कर्मियों के बकाया वेतन का भुगतान तुरंत किया जाए और रिस्ट्रक्चरिंग को पारदर्शी रखा जाए। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 अगस्त तक संतोषजनक कार्रवाई न होने पर 17 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया जाएगा। इस हड़ताल का असर राज्य के विद्युत विभाग के संचालन पर तत्काल दिख सकता है, जिससे सप्लाई व सर्विस प्रभावित हो सकती है। संघ ने समाज व सरकार से सहानुभूति व समर्थन की भी अपील की है ताकि शांतिपूर्ण ढंग से मांगों का निपटारा किया जा सके।
यह है मांग
2004 के बाद नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों के लिये पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण, नई भर्ती शीघ्र कराने की मांग, वेज रिवीजन लागू होने तक 20% अंतरिम राहत, रिस्ट्रक्चरिंग संबंधी स्पष्ट नीति, ठेका कर्मियों के वेतन का तत्काल भुगतान, कर्मचारी हितों से जुड़ी अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं।







