अंबिकापुर/ उदयपुर।
सुदूर आदिवासी अंचल बुले खासपारा के प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को भव्य शाला‑प्रवेश उत्सव आयोजित किया गया जिसमें मझवार समुदाय के सात नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और उन्हें पाठ्यपुस्तकें, कॉपी‑पेन व बेल्ट वितरित किए गए। कार्यक्रम में भारी संख्या में अभिभावक और ग्रामवासी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा समारोह में शामिल हुए और बच्चों तथा अभिभावकों को शिक्षा के महत्व पर जोडकर कई सरकारी योजनाओं से अवगत कराया।
जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने नवप्रवेशी बच्चों के मुँह पर तिलक लगाकर उन्हें विद्यालय में प्रवेश के रूप में सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है तथा शासन का प्रयास है कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचे। उन्होंने बताया कि सरकार मुफ्त पुस्तकों के साथ‑साथ आवासीय एवं अन्य सुविधाएं दे रही है और आगे की कक्षाओं में छात्रवृत्ति, साइकिल योजना व विभिन्न सहायता उपलब्ध कराई जाती है ताकि आदिवासी अंचलों के विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर व अन्य क्षेत्र में नाम कमा सकें
विकासखंड शिक्षा अधिकारी मृत्युंजय पांडे ने अभिभावकों से अनुरोध किया कि जितना भी व्यस्त समय हो विशेषकर कृषि कार्य के दौरान बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की कमी न आने दें और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उन्होंने कहा कि निरंतर उपस्थिति और पाठ्यक्रम के साथ जुड़ाव ही बच्चों की शैक्षणिक सफलता की कुंजी है।
सरपंच उर्मिला ने अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि तब गांवों में शैक्षणिक संसाधन सीमित थे, जिसकी वजह से वे अपनी पढ़ाई पूर्ण नहीं कर पाईं। उन्होंने कहा कि आज सरकार ने स्कूल, पुस्तकें व गणवेश जैसी सुविधाएँ गांव‑गांव तक पहुँचाई हैं और पालकों को चाहिए कि वे इन सुविधाओं का लाभ उठाकर बच्चों को पढ़ने‑लिखने के लिए प्रेरित करें। सरपंच प्रतिनिधि सोमारू राम ने भी कहा कि शिक्षा आज हर व्यक्ति की आवश्यकता बन चुकी है; खेती से लेकर बैंकिंग व सरकारी योजनाओं के लाभ तक—सबमें पढ़ाई का योगदान महत्वपूर्ण है।
शाला निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की साफ‑सफाई, अनुशासन और शैक्षणिक व्यवस्थाओं की सराहना की और प्रधानपाठक अनूप रंजन सोनी के कार्यों को प्रभावी और अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालय मॉडल आदिवासी क्षेत्र में अन्य स्कूलों के लिये प्रेरणा स्रोत बन सकते हैं। समारोह का संचालन नारायण प्रसाद साहू ने किया। शाला‑प्रवेश उत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, स्वागत भाषण तथा बच्चों के लिये सांकेतिक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। अंत में प्रधानपाठक अनूप रंजन सोनी ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षण स्टाफ का धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह रहे उपस्थित
जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मृत्युंजय पांडे, बीपीओ सम्पूरन राय, सरपंच श्रीमती उर्मिला, सरपंच प्रतिनिधि सोमारू राम, पंच श्रीमती रंगमती, मितानिन श्रीमती बिरहुलिया, स्वीपर मानसाय, सहायिका बंधानो बाई सहित स्कूल के अभिभावक व ग्रामवासी।








