रायपुर।खबरी गुल्लक
छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बहुप्रतीक्षित कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के संबंध में मंत्रालय में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शासन से मान्यता प्राप्त विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल प्रांतीय अध्यक्ष अनिल पांडेय एवं प्रदेश महामंत्री एसपी देवांगन के नेतृत्व में शामिल हुआ। प्रतिनिधिमंडल में संभागीय अध्यक्ष सरगुजा श्यामाकांत तिवारी, जिलाध्यक्ष रायपुर सालिक नौरंगे, प्रांतीय सचिव अरविंद चंद्राकर तथा एमएलटी प्रकोष्ठ के प्रांतीय संयोजक कमल चंद्राकर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी संघ ने जताया आभार
बैठक के दौरान प्रांतीय अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा लागू करना संघ की वर्षों पुरानी और प्रमुख मांग थी। इस जनहितैषी निर्णय के लिए उन्होंने संघ की ओर से राज्य सरकार मुख्य मंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
संघ ने रखे प्रमुख सुझाव
पेंशनरों एवं आश्रितों को जोडना: इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए राज्य के सेवानिवृत्त कर्मचारियों (पेंशनरों) एवं उनके आश्रितों को भी अनिवार्य रूप से कैशलेस चिकित्सा सुविधा में शामिल किया जाए। जिला स्तर पर हेल्प डेस्क: कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती होने या इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रत्येक जिला स्तर पर 'हेल्प डेस्क' की स्थापना की जाए। लापरवाह अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई: यदि कोई पंजीकृत/मान्यता प्राप्त अस्पताल कैशलेस इलाज देने से इंकार करता है या निर्धारित दरों से अधिक राशि की मांग करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने बताया की इस योजना का लाभ राज्य एवं अन्य राज्य के सभी आयुष्मान भारत योजना मे रजिस्टर्ड अस्पतालो मे लागु किया जायेगा एवं कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और योजना के पारदर्शी व सुचारू क्रियान्वयन हेतु सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।




