अंबिकापुर/बिलासपुर। खबरी गुल्लक
ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूमों में हॉलमार्किंग और परीक्षण से जुड़े विवादों के बाद छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने 20 अगस्त 2026 को प्रदेशव्यापी ज्ञापन अभियान की घोषणा की है। एसोसिएशन के अनुसार यह मामला केवल किसी एक प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ज्वेलरी व्यवसाय में HUID, Hallmark, Gold Testing Machines तथा उपभोक्ता संरक्षण की विश्वसनीयता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। 14 अगस्त 2026 को बिलासपुर के एक ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूम में हुए एक परीक्षण विवाद ने यह मुद्दा उजागर किया। रिपोर्ट के अनुसार HUID युक्त 22 कैरेट स्वर्ण आभूषण को पहली जांच में 20 कैरेट बताया गया, जबकि पुनः जांच में वही आभूषण 916 अंकन सहित 22 कैरेट प्रमाणित हुआ। इस घटनाक्रम ने स्वर्ण परीक्षण की प्रक्रिया, मशीनों की तकनीकी शुद्धता तथा HUID / Hallmark की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सर्राफा एसोसिएशन के सरगुजा अध्यक्ष राजेश सोनी ने बताया कि इस आंदोलन के तहत अंबिकापुर में भी ज्ञापन सौंपा जाएगा।
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का कहना है कि बड़े ब्रांडेड शोरूमों द्वारा चलाए जा रहे सस्ता सोना Zero Making Charge और Exchange Offer जैसे आकर्षक प्रचारों से वैध प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ भ्रामक दावों का खतरा भी बढ़ गया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वह वैध प्रतिस्पर्धा का विरोध नहीं करता, परन्तु भ्रामक या अधूरी जानकारी से पारंपरिक सराफा व्यापारियों की धरोहर और ग्राहकों का विश्वास प्रभावित न हो।
यह है प्रमुख मांगें
स्वतंत्र एवं निष्पक्ष Gold Testing व्यवस्था लागू की जाए, जिसमें तीसरे पक्ष की प्रमाणित प्रयोगशालाओं का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो।
HUID-Hallmark तथा Testing Machines की सख्त निगरानी और नियमित Calibration अनिवार्य किया जाए।
भ्रामक विज्ञापनों पर रोक के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और कड़ी प्रवर्तन व्यवस्था बनाए जाए।
सोने के भाव और उसकी जानकारी में पारदर्शिता लाई जाए तथा समान कीमत नीति सुनिश्चित की जाए।
सभी ज्वेलरी प्रतिष्ठानों के लिए सरल और समान Billing नियम लागू किए जाएं, जिससे उपभोक्ता संरक्षण तथा व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा हो।
पुश्तैनी कारीगरी एवं भारतीय स्वर्ण कला के संरक्षण हेतु स्वर्णकार कल्याण बोर्ड या समान संरचना का गठन किया जाए।
स्थानीय सराफा व्यापारियों और पारंपरिक स्वर्ण कारीगरों के हितों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
प्रदेशव्यापी कार्यक्रम, 33 जिलों में एक साथ ज्ञापन
एसोसिएशन ने बताया कि 20 अगस्त को छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में जिला सराफा इकाइयां अपने-अपने जिला कलेक्टर महोदय को प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार के नाम यह ज्ञापन सौंपेंगी। बिलासपुर में विशेष रूप से आधे दिन के लिए सराफा बाजार बंद रखा जाएगा। जिले के सभी सराफा व्यापारी सदर बाजार से मिलकर पैदल मार्च कर कलेक्टर कार्यालय कार्यालय तक पहुंचेगे और वहां ज्ञापन सौंपेंगे।
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी एक व्यक्ति या ब्रांड के विरोध के लिए नहीं है। हमारी माँग समान नियम, निष्पक्ष व्यापार, उपभोक्ता हित तथा स्थानीय सराफा व्यापारियों एवं पारंपरिक कारीगरों की आजीविका और प्रतिष्ठा की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने साथ में यह भी कहा कि बीकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत तभी अर्थपूर्ण होंगे, जब स्थानीय व्यापारी और पारंपरिक कारीगर मजबूत हों।




