अंबिकापुर।खबरी गुल्लक
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 1 अगस्त से प्रदेशभर में बिजली शुल्क वृद्धि और स्मार्ट मीटरों के अनिवार्य लगाने के खिलाफ सशक्त आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। जिसके तहत आज सभी जिलों में पत्रकार वार्ता कर विरोध जताने का निर्णय लिया गया था। इसी तारतम्य में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने अंबिकापुर में कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस आंदोलन के तहत 2 अगस्त से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग वाले आवेदन भरवाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सरकार से बिजली दरें घटाने, 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा करने वाली योजना पुनः लागू करने और स्मार्ट मीटर वापस लेने की तत्काल मांग की है।
आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि भाजपा सरकार ने जुलाई में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे तक दरों में वृद्धि की। साथ ही कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे का इजाफा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह लगातार पाँचवीं बार दरें बढ़ाई जा चुकी हैं और कुल मिलाकर अब तक बिजली की कीमतों में 31.23 प्रतिशत वृद्धि हो चुकी है। उन्होंने तुलना कर बताया कि उसकी सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में मात्र 2 पैसे की वृद्धि हुई थी और तब 400 यूनिट तक बिल आधा करने की योजना लागू थी।
आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि बिजली के बिलों में अचानक भारी वृद्धि उपभोक्ताओं के लिये वित्तीय बोझ बन चुकी है। पार्टी का कहना है कि हाल के महीनों में कई घरों में बिजली का बिल तीन से चार गुना तक पहुंच गया है। स्मार्ट मीटरों पर भी सख्त आपत्ति व्यक्त की गई है—कहा गया है कि स्मार्ट मीटर अनाप-शनाप अधिक रीडिंग दे रहे हैं, जिससे खपत बढ़ने का हवाला देकर अनुबंध भार बिना उपभोक्ता की सहमति बदला जा रहा है और अतिरिक्त अर्थदंड लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने ने यह भी कहा कि इन स्मार्ट मीटरों की आपूर्ति अडानी समूह की कंपनी द्वारा की जा रही है। पार्टी ने संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा अप्रैल 2026 में दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता पर जबरन थोपे नहीं जा सकते और बिना सहमति सामान्य मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना गैरकानूनी है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर जबरन लगाने पर सवाल उठता है, कहा गया है।
उन्होंने आंदोलन की रूपरेखा बताते हुए कहा कि 2 अगस्त से होगा। कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटवाने तथा बिजली दर वृद्धि के विरोध में जनहित पत्र/आवेदन भरवायेंगे। दो माह बाद जिलों में भरे गए फार्मों के आधार पर प्रदेशभर में बिजली दफ्तरों का घेराव कर आवेदन जमा कर पावती ली जाएगी। इसके बाद प्राप्त पावतियों के साथ मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा।





