नई दिल्ली। खबरी गुल्लक।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे उत्तराखंड के हल्द्वानी में रैली स्थल पर किए गए कथित शुद्धीकरण को लेकर उठे विवाद और उसके बाद पार्टी के भीतर अपेक्षित समर्थन न मिलने के कारण व्यथित हैं। बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस मामले पर उठी चिंता और अध्यक्ष के संकल्प ने बैठक को केंद्रित कर दिया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के रुख से खरगे की नाराज़गी सामने आई है।
पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद बताया कि सीडब्ल्यूसी ने हल्द्वानी रैली स्थल पर किए गए शुद्धीकरण के कदम की कड़ी निंदा की है और इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक, जातिगत भेदभाव के संकेत देने वाली किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सीडब्ल्यूसी के भीतर अध्यक्ष की पीड़ा और आक्रोश पर पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने भी टिप्पणी की। रमेश ने कहा कि खरगे सिर्फ दलित नेता नहीं हैं, वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, और उनकी गरिमा तथा अपेक्षाकृत संवेदनशील मुद्दों पर उनका रुख पूरे संगठन के लिये मान्य होना चाहिए।
खरगे ने बैठक में इस मुद्दे को उठाकर आड़े हाथों लिया। पार्टी की राज्य इकाई ने स्थानीय रूप से इस घटना पर जोरदार विरोध दर्ज कराया और मामले को राष्ट्रीय मंच पर लाने की पहल की। कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस पर सार्वजनिक रूप से उतनी तीव्रता से आवाज नहीं उठाई, जिससे पार्टी अध्यक्ष को उम्मीद के अनुरूप समर्थन नहीं मिला और यही चीज उन्हें कष्ट पहुंचा रही है।
अध्यक्ष ने बैठक में पार्टी नेताओं को सामाजिक न्याय के मुद्दों तथा जातिगत भेदभाव के मामलों पर अधिक आक्रमक और स्पष्ट रुख अपनाने का आग्रह किया। उनका कहना था कि कांग्रेस की पहचान समानता और सामाजिक समरसता के संरक्षण में है, और ऐसे घटनाक्रमों को सिर्फ निन्दा भर न रहने देकर संगठित रणनीति और संवाद की आवश्यकता है।




