माँ महामाया शक्कर कारखाना की स्क्रेप नीलामी में करोड़ों की कथित आर्थिक हानि का आरोप.. सूरजपुर कलेक्टर से विशेष जांच की मांग

माँ महामाया शक्कर कारखाना की स्क्रेप नीलामी में करोड़ों की कथित आर्थिक हानि का आरोप.. सूरजपुर कलेक्टर से विशेष जांच की मांग

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सूरजपुर। खबरी गुल्लक।10 अगस्त 2026 

 ग्राम केरता स्थित माँ महामाया शक्कर कारखाना की स्क्रेप खरदी की नीलामी में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अमन एसोसियेट्स के प्रतिनिधि अमन ने कलेक्टर सूरजपुर को शिकायत-पत्र सौंपा है। शिकायत में दावा किया गया है कि फैक्ट्री की 20 टन स्क्रेप की ऑनलाइन नीलामी के ठीक बाद ही एक पक्ष ने बिना शर्त और नियमों का पालन किए 24 टन स्क्रेप गुप्त तरीके से उठा लिया, जिससे राज्य को करोड़ों रूपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है। आरोप लगाया गया कि  फैक्ट्री ने पहले 20 टन स्क्रेप की ऑनलाइन नीलामी कराई थी।  शिकायत के अनुसार 06 अगस्त 2026 को एक वाहन द्वारा 24 टन स्क्रेप उठाकर ले जाया गया, यह मात्रा नीलामी में सूचीबद्ध मात्रा से अधिक है।  आरोप है कि उसी पार्टी को पुनः स्क्रेप सामग्री देने का प्रयास चल रहा है और 09 अगस्त 2026 को एक और वाहन लगा हुआ था, जिससे दोषी पक्षों के पक्षपातपूर्ण आचरण से सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुँच रही है। फैक्ट्री में लगे CCTV फुटेज तथा वाहन एंट्री रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड के साथ- बिना किसी नई टेंडर के अनाधिकृत उठाव कैसे हुआ, यह जांच का विषय है।

शिकायत-पत्र में कलेक्टर से निम्नलिखित कार्रवाई की मांग की गयी है जिसमें विशेष जांच टीम का गठन करते हुए पूरी घटना की स्वतन्त्र और पारदर्शी जांच कराना,  फैक्ट्री के प्रबंधक व अन्य संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी तथा प्रशासनिक कार्यवाही, स्क्रेप की पुनः पारदर्शी नीलामी कराने हेतु उचित प्रक्रिया सुनिश्चित कराना और जो भी आर्थिक हानि हुई हो उसका परीक्षण व वसूली की प्रक्रिया शुरू करना।

अमन प्रतिनिधि अमन एसोसियेट्स, महंगवा सूरजपुर ने कहा कि उन्होंने फैक्ट्री के सीसीटीवी फुटेज व प्रवेश-प्रस्थान रजिस्टरों का हवाला देकर आरोप लगाये हैं और शीघ्र कार्यवाही की आशा जताई है। शिकायत की एक प्रति महाप्रबंधक, माँ महामाया शक्कर कारखाना, ग्राम केरता को भी भेजी गयी है।अभी तक कलेक्टर कार्यालय या फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन यदि शीघ्र जांच आदेशित करता है तो सीसीटीवी रिकॉर्ड, वाहन परमिट, नीलामी के दस्तावेज और रसिदों की जाँच से घटना का सच सामने आ सकेगा।



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