जीवन में निरंतर संघर्ष और धैर्य से व्यक्तित्व, विचार और आचरण में होता है निखार.. अमृता जायसवाल! सारस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर में हुई मूल्य संवर्धन कक्षा

जीवन में निरंतर संघर्ष और धैर्य से व्यक्तित्व, विचार और आचरण में होता है निखार.. अमृता जायसवाल! सारस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर में हुई मूल्य संवर्धन कक्षा

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अंबिकापुर। खबरी गुल्लक।

 सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में 20 जुलाई  से 5 अगस्त 2026 तक आयोजित 15 दिवसीय मूल्य संवर्धन कक्षा आज सफलतापूर्वक  संपन्न हुआ। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा के मार्गदर्शन तथा विभागाध्यक्ष रानी रजक के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। कक्षा का विषय था मूल्यनिष्ठ शिक्षा एवं व्यक्तित्व निर्माण। समापन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में प्रदीप शर्मा, अमृता जायसवाल, सुधा तिवारी और अंजना तिवारी उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत जीवंत पौधा प्रदान करके किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अमृता जायसवाल द्वारा गायत्री मंत्र के उच्चारण से हुआ, जिसने वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया और प्रशिक्षणार्थियों का ध्यान आकर्षित किया।

अमृता जायसवाल ने प्रतिभागियों को जीवन में निरंतर संघर्ष और धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, विचार और आचरण को निखारने की एक महत्वपूर्ण यात्रा भी रहा है। प्रदीप शर्मा ने कहा कि इन 15 दिनों के दौरान बहुत कुछ सीखा गया और आत्मविश्वास बनाये रखना आवश्यक है; आत्मविश्वास होने पर कोई भी कार्य किया जा सकता है। सुधा तिवारी ने कहा कि कार्यशाला ने कई महत्वपूर्ण बातें सिखायीं और उन्हें अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने समय सारणी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी को जीवन के प्रमुख स्तम्भ बताया। अंजना तिवारी ने कहा कि समापन दिवस एक नई शुरुआत है। परिवर्तन स्वयं से शुरू होता है; धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ व्यक्ति अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए समय निकालकर सफलता पा सकता है।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने सत्य, अनुशासन, समय प्रबंधन, सेवा, सहयोग, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, नैतिकता, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने सत्य अनुभव बताया कि सच्ची शिक्षा केवल किताबी नहीं होती; अच्छे संस्कार और श्रेष्ठ चरित्र मानव की असली पहचान होते हैं। समापन के अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और सीखे हुए सिद्धांतों को रोजमर्रा के जीवन में लागू करने का संकल्प लिया।

प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने कार्यक्रम के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा कि आज का दिन समापन नहीं बल्कि संकल्प दिवस है। उन्होंने प्रतिभागियों से अनुरोध किया कि जो भी ज्ञान और गुण उन्होंने सीखे हैं, उन्हें अपने जीवन में अपनाएँ, छोटे-छोटे कार्यों को पूर्ण करने का संकल्प लें और लगातार अभ्यास करें। उन्होंने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा, विभागाध्यक्ष रानी रजक, सहायक प्राध्यापक उर्मिला यादव, मिथलेश कुमार गुर्जर, सविता यादव, सीमा बंजारे, ज्योत्स्ना राजभर, अर्चना सोनवानी, स्मिता सिन्हा, गोल्डन सिंह, अजीत सिंह परिहार, नितेश कुमार यादव और बी.एड प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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