अंबिकापुर। खबरी गुल्लक
अंबिकापुर कोतवाली क्षेत्र की एक नाबालिग से दुष्कर्म मामले के मुख्य आरोपी तरुण कुमार जायसवाल 51 वर्ष को पटना बिहार से गिरफ्तार कर थाना कोतवाली अंबिकापुर में हिरासत में लिया गया है। आरोपी घटना के बाद से लगभग दस दिनों से फरार चल रहा था। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा पटना राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही से यह गिरफ्तारी संभव हुई। इस मामले में विभिन्न संगठनों के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया था। बुधवार को आदिवासी समाज के द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया था। आरोपी तरुण जायसवाल महिला मित्र के साथ था।
मामला थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 504/2026 के अंतर्गत दर्ज है, सम्बन्धित धाराएँ: धारा 65(1), बी.एन.एस., और पोक्सो एक्ट की धारा 4 व 6। आरोपी पर नाबालिक पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। घटना के बाद से आरोपी फरार था; डीआईजी व एसएसपी द्वारा दो विशेष पुलिस टीम गठित कर तुरन्त गिरफ्तारी हेतु निर्देश जारी किए गए थे। पुलिस टीम ने आरोपी का पता लगभग 10 दिनों तक लगातार तलाशा और तकनीकी व सन्देश-निगरानी के जरिए संभावित लोकेशनों पर दबिश दी। आरोपी के संभावित ठिकानों में देवघर, वासुकीनाथ, पुरी, रांची शामिल हैं। लगातार ट्रैक करने के बाद आरोपी को पटना, बिहार से गिरफ्तार किया गया। पटना पुलिस के सहयोग से समन्वय कर आरोपी को हिरासत में लिया गया और पटना की न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उसे थाना कोतवाली अंबिकापुर लाया जा रहा है। मामले की अग्रिम विवेचना जारी है। गिरफ्तार आरोपी का नाम: तरुण कुमार जायसवाल, पिता स्व. बंशीधर जायसवाल, उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम भफौली, थाना अंबिकापुर अन्य पता चोपड़ापारा वसुंधरा हाईट, फ्लैट नंबर 207, थाना अंबिकापुर, आरोपी की पत्नी उप सरपंच है। आरोपी के नाम पर पहले जारी शस्त्र लाइसेंस के तहत 12 बोर डीबीबीएल बन्दूक पंजीकृत थी। आरोपी के लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी पुलिस ने उसके घर से उक्त लाइसेंसी 12 बोर बन्दूक जप्त कर ली है।
आरोपी के निवास स्थान पर दबिश देने पर दोनों मकानों के ताले बंद और मोबाइल बंद पाया गया, आरोपी फरार था। पूरे समय दौरान जांच टीम ने आरोपी के सभी संभावित रिश्तेदारों व संपर्कों से पूछताछ की, आरोपी के संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच करवाई और उसके बैंक खातों को फ्रिज कराया। मुखबिरों और सहयोग करने वालों के लिए 5000 रुपये इनाम की घोषणा डीआईजी व एसएसपी द्वारा जारी की गई थी, जिसका परिणामस्वरूप भी गिरफ्तारी में मदद मिली।गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है तथा मामले से संबंधित सबूत संग्रहीत और रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा पर बल दिया है और कहा है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। डीआईजी व एसएसपी ने कहा कि पीड़िता की गोपनीयता और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष तथा शीघ्र जांच की जाएगी तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




