अंबिकापुर। खबरी गुल्लक
जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद, प्रखर समाज सुधारक और राष्ट्रीय नायक पंखराज साहेब बाबा कार्तिक उरांव के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 29 अक्टूबर 2026 को अंबिकापुर में भव्य प्रतिमा अनावरण समारोह आयोजित किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बाबा कार्तिक उरांव जन्म शताब्दी समारोह आयोजन समिति और नगर पालिक निगम अंबिकापुर द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह, महामंत्री योगेश बापट मुख्य रूप से शामिल होंगे। बाबा कार्तिक उरांव जन्म शताब्दी समारोह आयोजन समिति के महासचिव इन्दर भगत ने बताया कि वरिष्ठ मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी। समारोह में जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्यनारायण सूरी और राष्ट्रीय संरक्षक गणेश राम भगत, राज्य मंत्रिमंडल के रामविचार नेताम, केदार कश्यप, ओपी चौधरी, लक्ष्मी राजवाड़े, श्याम बिहारी जायसवाल और राजेश अग्रवाल शामिल होंगे। इसके अलावा सांसद चिंतामणि महाराज, राधेश्याम राठिया, उत्तरी छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, विधायक उधेश्वरी पैकरा, शकुंतला सिंह पोर्ते, रेणुका सिंह, महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, उरांव समाज सरगुजा अध्यक्ष डॉ. आजाद भगत और रोशन प्रताप सिंह सहित संभाग के बैगा, पंडा, पुजारी, पाहन व सामाजिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
कला केंद्र मैदान से निकलेगी भव्य शोभायात्रा
समारोह की शुरुआत 29 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे कला केंद्र मैदान में समाज के लोगों के एकत्रीकरण के साथ होगी। इसके बाद प्रातः 11 बजे से भव्य नगर शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा कला केंद्र मैदान से प्रारंभ होकर गांधी चौक, घड़ी चौक, संगम चौक, महामाया चौक, गुदरी चौक और जोड़ा पीपल चौक होते हुए बाबा कार्तिक उरांव चौक पहुंचेगी। यहां अतिथियों द्वारा बाबा कार्तिक उरांव की आदमकद प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया जाएगा। इसके बाद शोभायात्रा पुनः कला केंद्र मैदान पहुंचेगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी होगा आयोजन
प्रतिमा अनावरण के पश्चात कला केंद्र मैदान में मुख्य मंचीय कार्यक्रम होगा, जिसका संचालन इंदर भगत करेंगे। इस दौरान जनजातीय समाज की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। साथ ही बाबा कार्तिक उरांव के संघर्ष, शिक्षा, सामाजिक स्वाभिमान, सांस्कृतिक अस्मिता और संवैधानिक अधिकारों पर वक्ताओं के उद्बोधन होंगे। कार्यक्रम का समापन सायं 5 बजे किया जाएगा।
आयोजन समिति ने की यह अपील
आयोजन समिति ने सरगुजा संभाग सहित पूरे प्रदेश के जनजातीय समाज, सामाजिक संगठनों, युवाओं और मातृशक्ति से अपील की है कि वे 29 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में अंबिकापुर पहुंचकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और बाबा कार्तिक उरांव को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें।




