संयुक्त मंच के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने भरी हुंकार.. धरना दे घेरा कलेक्ट्रट,पांच सूत्रीय मांगो का सौंपा ज्ञापन

संयुक्त मंच के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने भरी हुंकार.. धरना दे घेरा कलेक्ट्रट,पांच सूत्रीय मांगो का सौंपा ज्ञापन

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अंबिकापुर। 27 अक्टूबर 2026।

संयुक्त मंच के प्रांतीय आह्वान पर आज 27 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा  एकदिवसीय हड़ताल, धरना-प्रदर्शन, रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ  ने भी संयुक्त मंच के इस आंदोलन में सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रदेशभर की कार्यकर्ता-सहायिकाओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

प्रदेश के विभिन्न जिलों, परियोजनाओं एवं क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं आंदोलन में शामिल हुईं। हाथों में अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां और नारों के साथ कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने हड़ताल, धरना-प्रदर्शन एवं रैली के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की तथा शासन-प्रशासन के समक्ष 5 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रट का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ प्रांताध्यक्ष  कविता यादव ने कहा कि संयुक्त मंच के आह्वान पर आयोजित आज का आंदोलन प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं वर्षों से महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन उनके स्वयं के अधिकार, सम्मान,मानदेय एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अनेक विषय आज भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने  कहा कि आज का आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं के साझा अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। संयुक्त मंच के आह्वान पर प्रदेशभर में जिस तरह कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की है, वह सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अब आंगनबाड़ी बहनों की मांगों को गंभीरता से सुना और समाधान किया जाना चाहिए।

धरना-प्रदर्शन एवं रैली के पश्चात संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर संयुक्त मंच की 5 सूत्रीय मांगों की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया। संघ ने शासन से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक एवं समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की। कविता यादव ने कहा कि संघ हमेशा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने के पक्ष में रहा है। आज का आंदोलन उसी लोकतांत्रिक संघर्ष की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने ने कहा कि पहले एकजुटता, फिर रणनीति, फिर चरणबद्ध आंदोलन और अंततः परिणाम। इसी संकल्प के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की आवाज को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।

संघ की प्रांताध्यक्ष  कविता यादव ने संयुक्त मंच के आह्वान पर आयोजित आज के हड़ताल, धरना-प्रदर्शन, रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम में प्रदेशभर से शामिल हुईं सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका दीदीगण, पदाधिकारियों एवं सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। आने वाले समय में भी सभी संगठनों एवं कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता बनाए रखते हुए अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। संयुक्त मंच के आह्वान पर सरगुजा जिले में आयोजित हड़ताल, धरना-प्रदर्शन, रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम को लेकर जिलाध्यक्ष  अंजू सरकार ने कहा कि आज सरगुजा में उमड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की एकजुटता उनके वर्षों के संघर्ष और अधिकारों की बुलंद आवाज है। सरकार को उनकी 5 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र ठोस निर्णय लेना चाहिए। अंजू सरकार ने कहा कि आज सरगुजा से उठी आंगनबाड़ी की आवाज केवल जिले की सीमाओं तक सिमटने वाली नहीं है। यह आवाज राजधानी तक पहुंचेगी और शासन को यह एहसास कराएगी कि अपने अधिकारों और सम्मान के लिए सरगुजा की आंगनबाड़ी बहनें पूरी मजबूती के साथ एकजुट हैं। आज की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि अपने अधिकार और सम्मान के लिए आंगनबाड़ी बहनें पूरी मजबूती से एक साथ खड़ी हैं।सरगुजा की आंगनबाड़ी बहनों ने आज एक स्वर में बता दिया है कि उनके अधिकारों और सम्मान को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारा संघर्ष किसी टकराव के लिए नहीं,बल्कि न्यायपूर्ण समाधान के लिए है। हमारी मांगें स्पष्ट और जायज हैं। हम संवाद और समाधान में विश्वास रखते हैं, लेकिन यदि हमारी आवाज पर अपेक्षित पहल नहीं हुई तो लोकतांत्रिक एवं चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए भी हम पूरी तरह तैयार हैं।

जिला सचिव  लीलावती राजवाड़े ने कहा कि संयुक्त मंच के आह्वान पर आयोजित आज का आंदोलन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की लंबित मांगों को शासन तक मजबूती से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता-सहायिकाएं लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, इसलिए उनकी जायज मांगों पर सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि “हमारा संघर्ष लोकतांत्रिक और न्यायपूर्ण है। सरकार हमारी मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले, अन्यथा आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा।

संघ की जिला उपाध्यक्ष श्रीमती रानी यादव ने कहा कि आज का आंदोलन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य की आवाज है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने वाली कार्यकर्ता-सहायिकाओं की जायज मांगों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। श्रीमती यादव ने कहा कि आज सरगुजा की आंगनबाड़ी बहनों ने अपनी एकजुटता से स्पष्ट संदेश दिया है कि अधिकार और सम्मान के सवाल पर कोई समझौता नहीं होगा। सरकार 5 सूत्रीय मांगों पर संवेदनशीलता से विचार कर सम्मानजनक समाधान करे।

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