अम्बिकापुर।खबरी गुल्लक
सरगुजा संभागीय मुख्यालय अम्बिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड पर दुर्ग जिले के दो पुलिसकर्मियों का वर्दी में नशे की हालत में बेहोश पड़ा मिलना पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर गया है। आरोप है कि दोनों ने कैदी को सेंट्रल जेल अम्बिकापुर पहुंचाने के बाद खुले मैदान में शराब पी और अपने पास रखे इंसास राइफल को टेबल में असुरक्षित छोड़ बेसुध हो गए। जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक जीवन राम एक्का और उनके साथ गए सहायक पुलिसकर्मी को एक बंदी को रायपुर से सेंट्रल जेल अम्बिकापुर लाने की ड्यूटी सौंपी गई थी। बंदी को जेल छोड़ने के बाद दोनों प्रतीक्षा बस स्टैंड पहुंचे और वहीं खुले मैदान में टेबल-कुर्सी लगाकर शराब पीने लगे।
आसपास के लोगों का कहना है कि दोनों पुलिसकर्मी नशे में इतने मदहोश हो गए कि उन्हें अपने पास रखे इंसास राइफल हथियार की भी सुरक्षा का ध्यान नहीं रहा। एएसआई टेबल पर रखे हथियार के पास ही कुर्सी से गिरकर बेहोश हो गए, जबकि उनका साथी शराब दुकान के सामने बेसुध पड़ा रहा। मौके पर मौजूद दुकानदारों ने बताया कि नशे की हालत में दोनों पुलिसकर्मी लोगों को अपनी ताकत और हथियार का रौब दिखा रहे थे। इंसास राइफल जैसे हथियार को देखकर आसपास के लोग पूरे दिन भयभीत रहे और किसी को सीधे विरोध या शिकायत करने की हिम्मत नहीं हो पाई। लोगों का कहना था कि नशे में हथियार लेकर घूम रहे पुलिसकर्मियों से किसी भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। हालात गंभीर होने पर गुजर रहे कुछ मीडियाकर्मियों ने सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देश पर मौके पर पुलिस टीम पहुंची। टीम ने दोनों बेहोश पड़े पुलिसकर्मियों को चिकित्सालय भिजवाया और उनके पास रखे इंसास राइफल हथियार को सरगुजा पुलिस की अभिरक्षा में ले लिया।
मामले में अब यह देखा जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में हथियार के साथ बेहोश पड़े दोनों पुलिसकर्मियों पर विभागीय और कानूनी स्तर पर क्या कार्रवाई होती है। घटना ने एक बार फिर वर्दी की गरिमा और सरकारी हथियार की सुरक्षा जिम्मेदारी को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।




