अम्बिकापुर।खबरी गुल्लक
शहर के मणिपुर थाना क्षेत्र में बहन की आबरू लूटने का प्रयास कर रहे नशे में धुत बदमाशो को सबक सिखा बहन की रक्षा करने वाले जांबाज भाई की पीठ थपथपाने के बजाए उल्टा उसे ही जेल में डाल दिया है। सरगुजा पुलिस का अपराधियों से हमदर्दी और पीड़ित को ही अपराधी बना देने का शर्मनाक चेहरा उजागर हुआ है। नागरिकों का कहना है कि पुलिस के ऐसे ही कार्यप्रणाली के कारण बदमाशो के हौसले बुलंद हैं।
यह वारदात करीब डेढ़ माह पूर्व बाबूपारा के अटल आवास के समीप हुआ था। पीड़ित युवती गरीबी के चलते आवास के समीप गौरवपथ में ठेले पर अंडा सहित अन्य सामान बेचती है। घटना दिवस को रात के समय शराब के नशे में धुत होकर बदमश ठेले में पहुंचे और सिगरेट खरीदने के बहाने हाथ पकड़ कर खींचने के अलावा शरीर के अंगों को छूने लगे,जिससे युवती ने शोर मचाई तो उसका भाई दौड़ता हुआ वहां पहुंचा और चारों बदमाशो को सबक सिखाया बहन की आबरू बचाई थी। इस घटना के बाद पीड़ित युवती परिजनों के साथ मणिपुर थाना पहुंची और संबंधितों के खिलाफ अपराध दर्ज कराया था,मामले में पुलिस ने आरोपी नितिन शर्मा, रवि यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था। इधर चारों बदमाश कोतवाली पहुंच गए और युवती, उसके भाई के खिलाफ अपराध दर्ज करा दिया। बाद में मणिपुर पुलिस ने विवेचना में आए तथ्यों का दावा करते हुए बदमाशो के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ का धारा हटा दिया, जबकि कोतवाली पुलिस ने भाई बहन के खिलाफ प्राणघातक हमला का अपराध जोड़ दिया। इस मामले में युवती के साथ छेड़छाड़ करने वाले बदमाश तर्कसंगत धारा नहीं लगाए जाने के चलते बाहर घूम रहे हैं जबकि कोतवाली पुलिस ने बहन,भाई को गिरफ्तार जेल भेज दिया था,जिनमें से युवती जमानत पर है जबकि उसका भाई सलाखों के पीछे।
इस मामले में पीड़ित युवती ने मणिपुर थाना पुलिस के खिलाफ अपराध की गम्भीरता के अनुरूप सुसंगत धारा के तहत कार्रवाई नहीं किए जाने का गम्भीर आरोप लगाया है। ज्ञापन में उन्होंने उल्लेख किया है कि बाबूपारा अटल आवास के समीप चार युवकों ने रात के समय सुनसान स्थान पर युवती को घेरकर उसके साथ अभद्र हरकत की। पीड़िता ने इस संबंध में थाना मणिपुर में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें नितिन शर्मा, रवि यादव सहित अन्य दो आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
पीड़िता के अनुसार, घटना रात्रि लगभग 10:30 बजे की है, जब वह सुनसान स्थान से गुजर रही थी। इस दौरान आरोपियों ने उसका हाथ पकड़कर उसे अपनी ओर खींचा और गलत नीयत से उसके शरीर के विभिन्न अंगों को अनुचित ढंग से स्पर्श किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों के इस कृत्य से बलात्कार के प्रयास की स्थिति बनी, लेकिन उसके भाई के समय पर पहुंचने से वह आरोपियों के चंगुल से बच गई।
पीड़िता ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा अम्बिकापुर को लिखित आवेदन देकर प्रकरण में अपराध की गंभीरता के अनुरूप उचित धाराएं जोड़ने तथा निष्पक्ष विवेचना कराने की मांग की है। उनका कहना है कि एफआईआर क्रमांक 0167, दिनांक 20/09/2026 में वर्तमान में केवल भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है, जबकि घटना के तथ्यों और आरोपियों की मंशा को देखते हुए बलात्कार के प्रयास संबंधी धारा भी लगाई जानी चाहिए।पीड़िता ने आवेदन में कहा है कि यदि उनके भाई घटनास्थल पर समय पर नहीं पहुंचते, तो आरोपियों द्वारा और अधिक गंभीर अपराध किए जाने की आशंका थी। उन्होंने मांग की है कि विवेचना अधिकारी घटनाक्रम, आरोपियों की मंशा, उनके कृत्यों और पीड़िता को बचाए जाने की परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच करें।
धारा 62 बीएनएस और सामूहिक आशय की मांग
पीड़िता के अधिवक्ता की ओर से यह भी तर्क दिया गया है कि किसी महिला को जबरन पकड़ना या उसके कपड़ों की डोरी खोलने का प्रयास करना केवल अपराध की तैयारी नहीं, बल्कि परिस्थितियों के आधार पर बलात्कार का प्रयास माना जा सकता है। इसके आधार पर प्रकरण में धारा 62 भारतीय न्याय संहिता (बलात्कार के प्रयास) तथा सामूहिक आशय के संबंध में धारा 3(5) बीएनएस सहित अन्य लागू धाराओं को जोड़ने की मांग की गई है। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से न्याय दिलाने और प्रकरण की प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले में अभी तक पुलिस की ओर से धाराओं में संशोधन या आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
(पीड़िता की पहचान सुरक्षित रखने हेतु उसका नाम प्रकाशित नहीं किया गया है)




