मैनपाट (महेश यादव)। आकाशीय बिजली के लिए अति संवेदनशील मैनपाट क्षेत्र प्राकृतिक आपदा के रूप में आकाशीय बज्र प्रहार जारी है। मंगलवार की देर रात पुनः गाज गिरने से 6 मवेशियों की मौत हो गई। पिछले पांच दिनों में मैनपाट क्षेत्र में गाज गिरने की अलग - अलग घटनाओं में एक मजदूर सहित 11 मवेशियों की जान जा चुकी है। मंलवार की रात हुए घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पथरई निवासी पारस यादव पिता स्व. प्रेम लाल यादव के द्वारा प्रतिदिन की भांति भैसो को घर के समीप बंधा गया था। देर रात गाज गिरने से 6 मवेशियों की मौत हो गई। बारिश शुरू होने के साथ खरीफ सीजन में पशु पालकों,गरीब किसानों के लिए मवेशियों की मौत किसी बड़े आपदा से कम नहीं है। गरीब किसानों का कहना है कि खेतों की जुताई के लिए ट्रेक्टर किराए पर लेने की क्षमता उनकी नही है। बैल, भैंस की जोड़ी से ही खेतों की जुताई करते हैं। ऐसी स्थिति में मवेशियों की मौत से उनकी परेशानी को आसानी से समझा जा सकता है। गाज से दुधारू पशुओं की मौत होने से उनकी आजीविका, परिवार चलाने का साधन भी छीन रहा है। प्रभावित पशुपालकों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।




