भूपेन्द्र राजवाड़े/सूरजपुर । विकासखंड के ग्राम पंचायत ऊंचडीह और लोधिमा के बीच पुलिया निर्माण नही होने से इस वर्ष भी ग्रामीणों को बरसात के मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि लोधीमा के सरपंच , सचिव की लापरवाही के कारण यह गांव बारिश के मौसम में टापू बन जाता है और ग्रामीणों की जिंदगी गांव तक ही सिमट कर रह जाता है। पुलिया नही होने से लोधिमा ही नही बल्कि ऊंचडीह के ग्रामीणों को भी बरसात के मौसम के अलावा सूखे के मौसम में भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर पुलिया निर्माण होना है वहां बहुत बड़ा गड्ढा है, जिससे चार पहिया वाहन पार नहीं हो पाती है और मोटरसाइकिल सवार गिर कई बार चोटिल भी हो चुके हैं। लोधिमा के ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सड़क के दोनो ओर खेत हैं। बारिश के मौसम में पानी भरने के साथ मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है। जिससे केवल खेतों का पगडंडी रास्ता ही आवागमन के लिए बचता है। ऊंचडीह पहुंचने के लिए लोधीमा के ग्रामीणों को चार से पांच किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। वही बगैर पुलिया वाले रास्ते में बारिश के समय पैर फिसलने से लोग खेतों में गिर चोटिल होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोधीमा के सरपंच सचिव से कई बार यहां पुलिया बनाए जाने की मांग की गई, मगर आज तक ध्यान नहीं दिया गया। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार करीब 2-3 वर्ष पूर्व शासन के द्वारा इस पगडंडी रास्ते के जीर्णोद्धार के लिए पुल पुलिया सहित लाखों रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। सरपंच सचिव के द्वारा आनन-फानन में सड़क निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन पुलिया निर्माण की राशि डकार गए। जिससे ग्रामीणों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इधर ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि केवल चुनाव के समय उनके मोहल्ले में आते हैं, चुनाव जीतने के बाद कोई झांकने भी नहीं आता है। लोधिमा के सरपंच सचिव के समक्ष कई बार गुहार लगाया गया मगर बेपरवाह पंचायत प्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया। पुलिया नही होने से बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस ओर ध्यान दिए जाने की मांग की है।
सब्जी बेचने रोज पहुंचते हैं बाजार
ग्राम पंचायत लोधीमा के ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में बहुतायत में खेती किसानी का काम किया जाता है। ग्रामीण उत्पादित सब्जी को बेचने के लिए ग्राम ऊंचडीह में रोजाना लगने वाले बाजार में पहुंचते हैं। सड़क में पुलिया नहीं होने के कारण सूखे के दिनों में उन्हें अतिरिक्त दूरी तय दूरी तय करनी पड़ती है और बरसात में आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता है। अतिरिक्त दूरी तय करने के कारण उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।



