अंबिकापुर। बदलते दौर में आजकल के युवा नौजवान जहां अपने जन्मदिन मनाने में रुपए बेवजह खर्च कर देते है। वहीं अंबिकापुर के युवा समाजसेवी आर्यन सिन्हा (आयुष) ने अपने 21वे जन्मदिन पर जो किया वह न सिर्फ प्रश्नसनीय है बल्कि नई युवा पीढ़ी को नया रास्ता दिखाने वाला भी है, दरअसल आर्यन ने अपने जन्मदिन के अवसर पर राजमाता श्रीमति देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय जाकर रक्तदान किया। इसके साथ ही उन्होंने मरणोपरांत नेत्र दान की भी घोषणा की। आर्यन का कहना है कि हमारे रक्तदान किए गए रक्तदान से कई लोगों की जिंदगी बचती है। रक्तदान का कितना महत्व है इसका अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई निकटतम व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा होता है। रक्तदान कर हम जहां एक ओर किसी की जान बचाते हैं वहीं दूसरी ओर इससे जबर्दस्त आत्म संतुष्टि मिलती है। कई लोग रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों के कारण रक्तदान करने से कतराते हैं जबकि इससे कोई हानि नहीं होती बल्कि कई प्रकार लाभ होते हैं। अत: हम सभी को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। आर्यन ने आपने 20वे जन्मदिन पर नेत्रदान का संकल्प किया लिए और पूरे सरगुजा जिले में सबसे कम उम्र में नेत्रदान करने का संकल्प लेने वाले युवा बने। आर्यन का मानना है कि रक्त और अंग के अभाव में किसी भी व्यक्ति की जान ना जाए , इसके लिए हम सभी लोग मिलकर हमेशा प्रयास करते रहना चाहिए। आर्यन हमेशा से समाज सेवा को मानव जीवन का एक अंग मानते हैं। आर्यन छत्तीसगढ़ ऑर्गन डोनेशन एलिट (कोड) नामक एक संस्था चला रहे हैं जिसका उद्देश्य लोगों को रक्तदान,नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति जागरूक करना है। इस मुहिम के तहत आर्यन ने अभी तक 10 यूनिट रक्तदान करवाएं है और 150 से अधिक लोगों को प्रेरित करके नेत्रदान संकल्प पत्र भरवाया है।




