अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी के बैनर तले शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ संविदा व शासकीय कर्मचारियों के द्वारा आज मंगलवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन का आगाज किया गया। शहर के एसबीआई कलेक्ट्रेट शाखा मार्ग पर धरना आज आरंभ हुई । शासकीय कर्मचारियों के द्वारा वेतन विसंगति दूर करने, महंगाई भत्ता देने, लंबित एरियर्स राशि, वेतन का भुगतान सहित 23 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल शुरू किया गया है जबकि अनियमित संविदा कर्मियों की सिर्फ एक मांग नियमितीकरण की है
अनियमित कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के बताया कि कांग्रेस के द्वारा विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में अनियमित संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। मगर सत्ता में आने के बाद कांग्रेस की भूपेश सरकार यह वादा पूरा करना भूल गई। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के साढ़े चार साल गुजर चुके हैं मगर न तो सीएम ने और न ही स्थानीय नेताओं ने वादा निभाने कोई रुचि ली। कांग्रेस के वादा खिलाफी से संविदा कर्मचारियों में असंतोष है, और यही वजह है कि वे बेमुद्दत हड़ताल के लिए बाध्य हुए। इधर कर्मचारियों की हड़ताल का स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ने वाले असर को देखते हुए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अस्पतालों में कम से कम इमरजेंसी सेवा आरंभ रखने की कवायद में जुट गई है।





