सरगुजा में अब बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने के बाद लेमिनेशन कर लोगों के घर तक पहुंचा रहे हैं अधिकारी... जाति प्रमाण पत्र तुंहर द्वार अभियान ने दी राहत... परिजनों ने जताई खुशी....

सरगुजा में अब बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने के बाद लेमिनेशन कर लोगों के घर तक पहुंचा रहे हैं अधिकारी... जाति प्रमाण पत्र तुंहर द्वार अभियान ने दी राहत... परिजनों ने जताई खुशी....

khabrigullak.com
By -
0


अम्बिकापुर।  स्थायी जाति प्रमाण पत्र अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले लोगों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस दस्तावेज के माध्यम से स्कूली और उच्च शिक्षा के दौरान बच्चों को छात्रवृति प्राप्त करने में आसानी होती है और इन वर्गों से आने वाले लोगों के लिए ये दस्तावेज नौकरी के लिए भी आवश्यक है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण दस्तावेज का बिना किसी परेशानी के घर पर मिल जाना बड़ी सहूलियत है। जाति प्रमाण पत्र तुंहर द्वार अभियान के तहत सरगुजा जिले में अब जाति प्रमाण  बच्चों को घर पर ही मिल रहा है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की पहल पर  जाति प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जाने हेतु नियमों का सरलीकरण किया गया है जिससे जाति प्रमाण पत्र बनाये जाने की प्रक्रिया आसान हुई है। इसी कड़ी में कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार प्रशासनिक टीम द्वारा जाति प्रमाण पत्र तैयार कर  लैमिनेशन के साथ बच्चों को उनके घरों और स्कूलों में प्रदाय किया जा रहा है। कलेक्टर ने टीएल की बैठक में तुंहर द्वार अभियान के तहत प्रशासनिक टीम को बच्चों के घर तक जाति प्रमाण पत्र पहुंचाने का दायित्व सौंपा था जिसके परिपालन में  अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों द्वारा बच्चों को उनके घर एवं स्कूल में जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए गए। अंबिकापुर, मैनपाट, लुण्ड्रा, सीतापुर, बतौली, दरिमा, उदयपुर, लखनपुर विकासखंड में यह प्रमाणपत्र सौंपने अधिकारी घर -घर पहुंचे.। मैनपाट में तहसीलदार  शिवनारायण राठिया ने लोगों के घर पर उपलब्ध नहीं रहने पर खेतों में जाकर भी बच्चों का जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस पहल के लिए अभिभावकों द्वारा शासन और प्रशासन के नीतियों और कार्यों के लिए  सराहना की गई। 


दो साल में 58 हजार प्रमाणपत्र बने

जिले में अभियान के पहले दिन 650 से ज्यादा जाति प्रमाण पत्र का वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही स्कूलों में लगातार नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र बनाये जाने का क्रम भी जारी है। शासन द्वारा नियमों के सरलीकरण से जाति प्रमाण पत्र बनाने में आसानी हुई है। जिले में वर्ष 2021-22 में 31 हजार 545 तथा 2022-23 में 27 हजार 825 बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाये गए हैं।


एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)