सरगुजा में जानलेवा लंपी बीमारी से पीड़ित मिले 360 मवेशी.... पशु चिकित्सा विभाग के विशेष टीकाकरण अभियान व देखभाल से हुए स्वास्थ्य.... कलेक्टर के निर्देश पर अलर्ट मोड़ पर है विभाग.... ब्लाकों में सक्रिय हुआ कंट्रोल रूम....

सरगुजा में जानलेवा लंपी बीमारी से पीड़ित मिले 360 मवेशी.... पशु चिकित्सा विभाग के विशेष टीकाकरण अभियान व देखभाल से हुए स्वास्थ्य.... कलेक्टर के निर्देश पर अलर्ट मोड़ पर है विभाग.... ब्लाकों में सक्रिय हुआ कंट्रोल रूम....

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अंबिकापुर। सरगुजा जिले में लम्पी स्कीन रोग से पशुओं के बचाव और उनके उचित उपचार के लिए पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के संज्ञान पर इस रोग से मवेशियों के बचाव और उपचार के लिए विभाग द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है। पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ बीपी सतनामी के नेतृत्व में जिले में अभी तक लंपी स्किन रोग के लगभग 540 मवेशियों का चिन्हांकन किया गया है जिसमें से 360 से ज्यादा मवेशी पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें से 160 से ज्यादा मवेशियों का उपचार जारी है। कलेक्टर द्वारा रोग की रोकथाम के लिए पंचायत और पशुपालन विभाग को आपसी समन्वय करते हुए कार्ययोजना पर अमल करने निर्देशित किया गया है। पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक श्री सतमानी ने बताया कि लम्पी स्कीन डिसीज एक विषाणु (वायरल) जनित रोग है। जो मुख्यतः मच्छर मक्खी के काटने एवं दूसरे पशु के सम्पर्क में आने से फैलता है। लम्पी स्कीन रोग से रोकथाम एवं बचाव के उपाय टीकाकरण ही एकमात्र बचाव का तरीका है। इस रोग हेतु गोट पॉक्स टीका लगाया जाता है।  नये जानवरों को अलग रखें और इस रोग से संक्रमित पशु को अलग रख के उसका उपचार करना चाहिए। उचित कीटनाशक का उपयोग कर मच्छर मक्खियों तथा अन्य बाह्य परजीवियों का नियंत्रण करना चाहिए। संक्रमित घुमंतु पशुओं को अस्थाई शेड में रखा गया है एवं शेष पशुओं को पशुपालकों के घर पर ही आइसोलेट कर उपचार किया जा रहा है। एलएसडी ग्रसित घुमन्तू एवं पालतू पशुओं में लक्षण दिखने पर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। घुमंतू मवेशियों को गौ सेवकों की मदद से अस्थाई शेड़ में रखा जा रहा है, ताकि बीमारी के प्रकोप को फैलने से रोका जा सके। अस्थाई शेड़ में रखे पीडित पशुओं का उपचार हेतु टीम गठित कर ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें पशु चिकित्सा सहायक शल्यक्ष डॉ. अरूण कुमार सिंह नोडल अधिकारी तथा पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ. आशिष कुमार महंत सहायक नोडल अधिकारी हैं। यह टीम प्रतिदिन सुबह-शाम अस्थाई शेड़ में रखे पशुओं के उपचार का कार्य करेगी। टीम का यह भी दायित्व होगा की शहर में कही भी एलएसडी पीडित घुमन्तू पशुओं की जानकारी मिलने पर तत्काल सम्पर्क कर पशुओं को गौ सेवा मंडल के सदस्यों से सम्पर्क कर पशुओं को अस्थाई शेड़ में रखवाकर उपचार करना सुनिश्चित करेगें। कंट्रोल रूम स्थापित- एलएसडी रोग के रोकथाम एवं समुचित उपचार हेतु टीम गठित कर चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। उक्त टीम के नियंत्रण के लिए कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ रूपेश कुमार सिंह 9179502700 एवं सहायक नोडल अधिकारी सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी अमित वर्मा 9753933500 एवं परिचारक नीरज कुमार सिन्हा 7587360135 सदस्य होंगे। इसके साथ ही विकासखंड के भी टीम गठित की गई है। गठित दल प्रत्येक दिवस एलएसडी रोग से ग्रसित पशु एवं उपचारित पशु की जानकारी कंट्रोल रूम में अवगत कराएंगे। गठित दल गौठानों में शिविर के माध्यम से पशुपालकों को रोग के बारे में जानकारी, बचाव के उपाय, आवश्यक सावधानियां एवं उपचार से अवगत कराएंगे। विकासखंड उपलब्ध एलएसडी टीकाद्रव्य के आधार पर पशुओं में टीकाकरण करवांएगें।

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