लोक अदालत में बिंदी, टिकली, चूड़ी, लिपिस्टिक, पाउडर, साबुन सहित अन्य सामान लेकर पहुंचा पति तो एक साल से अलग रह रही पत्नी का पसीजा दिल... खुशी पूर्वक साथ रहने का वादा कर पति के साथ लौटी ससुराल... तलाक पर अड़े सात परिवार पीठासीन अधिकारी की समझाइश पर टूटने से बचे ....
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सितंबर 10, 2023
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अंबिकापुर। श्रृंगार सहित अन्य जरूरत का सामान नहीं दिए जाने से रुष्ठ हो एक साल से पति से अलग हो मायके में रह रही महिला द्वारा कुटुंब न्यायालय में भरणपोषण हेतु राशि दिलाए जाने की गुहार लगाए जाने पर राष्ट्रीय लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी की समझाइश पर पति साबुन, बिंदी, चूड़ी, लिपिस्टिक, पाउडर, साबुन तेल लेकर पहुंचा और पत्नी को थमाते हुए कहा अब घर चलो तुम्हारा पूरा ख्याल रखूंगा। पीठासीन अधिकारी के समक्ष महिला ने कहा केवल समान नहीं मुझे पत्नी का अधिकार भी चाहिए , जिस पर पति ने कहा ऐसा क्यों सोचते हो मेरी संपत्ति में तुम्हारा भी तो बराबर का अधिकार है, पति की यह बात सुन पत्नी की आंखे नम हो गईं और साथ रहने राजी होते हुए रवाना हुई। इस प्रकार लोक अदालत के खंड पीठ क्रमांक दो कुटुंब न्यायालय में एक और परिवार टूटने से बचा और खुशहाल दांपत्य जीवन का वादा कर अदालत से वापस घर बागबहार जशपुर लौटे।
पीठासीन अधिकारी श्रीमती धनेश्वरी सिदार, सदस्य ज्ञानेंद्र चतुर्वेदी, प्रीति बाबरा की समझाइश पर लोक अदालत में सात परिवार बिखरने से बचे और तलाक की इच्छा को खत्म करते हुए साथ रहने का वादा कर खुशी पूर्वक वापस घर लौटे। लोक अदालत के खंडपीठ क्रमांक दो में न्यायिक कर्मचारी क्रिमिनल रीडर राजेश किंडो, स्टेनो ग्राफर चंद्र प्रकाश, सिविल रीडर वशिष्ठ गुप्ता, विजय भूषण लकड़ा सहित अन्य कर्मचारियों ने भी योगदान दिया ।
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