विद्युत विभाग की लुंजपुज व्यवस्था कब तक गजराजों के लिए बनेगी काल... कटघोरा वन मंडल में फिर एक हुआ शिकार ... पशु प्रेमियों ने कहा जिम्मेदारों पर तत्काल हो एफआईआर...

विद्युत विभाग की लुंजपुज व्यवस्था कब तक गजराजों के लिए बनेगी काल... कटघोरा वन मंडल में फिर एक हुआ शिकार ... पशु प्रेमियों ने कहा जिम्मेदारों पर तत्काल हो एफआईआर...

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 कटघोरा।  कटघोरा वन मंडल में करंट से लोनर हाथी की मौत ने विद्युत विभाग के लुंजपुंज व्यवस्था और लापरवाही को फिर से उजागर किया है। हाथी का शव  जिस 11 केवी लाइन के नीचे पाया गया, उस खंभे में तार की ऊंचाई महज 9 से 10 फिट की रही होगी। तार काफी नीचे झूल रहा था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि संभवतः इस वजह से हाथी करंट की चपेट में आया होगा। कोरबा क्षेत्र में जंगली हाथी की करंट से मौत की यह पहली घटना नहीं है, इसके पहले भी कई गजराज इस तरह जान गंवा चुके हैं। लगातार हो रही घटना के बाद भी विद्युत विभाग का सुस्त रवैया चिंता का विषय बना हुआ है। पशु प्रेमियों का कहना है कि जब इस तरह की घटनाएं बार बार हो रही है तो हाथी विचरण क्षेत्र में विद्युत तारों की ऊंचाई अब तक क्यों नही बढ़ाई गई। शहरी क्षेत्र में तो राजनैतिक दलों के रथ यात्रा के लिए तत्काल खंभे ऊंचे कर दिए जाते हैं मगर जिस जंगल में 60 जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है वहां इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। लोगों का यह भी कहना है कि हाथियों के रहवास क्षेत्र में हमें उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखना होगा।  गज प्रबंधन के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाए जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है, या यूं कहें कि हाथी प्रबंधन विभागों के लिए दुधारू गाय की तरह हो गई है। छत्तीसगढ़ के कोरबा, सरगुजा वन मंडल, रायगढ़ सहित अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में जंगली हाथी विचरण कर रहे हैं। हाथियों की मौत की घटनाएं भी बार बार सामने आ रही हैं। जागरूक लोगों का कहना है कि लापरवाह कर्मियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। विदित हो कि कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र के जलके क्षेत्र में हाथियों का दल विचरण कर रहा है। जिसमें से एक लोनर हाथी की करंट से मौत हो गई थी। पशु प्रेमियों ने कहा कि जिम्मेदारों पर तत्काल एफआईआर होनी चाहिए। 

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