अंबिकापुर। शहर के प्रतिष्ठित व्यवसाई गुरु प्रसाद जायसवाल सुसाइड केस में पुलिस द्वारा नामजद एफआईआर दर्ज करने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल नही भेजे जाने से पीड़ित कार्यालयों का चक्कर लगाने के लिए मजबूर हो रहा है। मृतक की पत्नी पुष्पा जायसवाल, बहन सरोज जायसवाल, मनोरमा जायसवाल, पुत्री पारुल और भतीजा अविनाश जायसवाल ने आरोप लगाया है कि कथित तौर पर राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने से बच रही है। उनके द्वारा पूर्व में भी पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया था मगर कोई कार्यवाई नही हुई। आज 9 दिसंबर 2023 को फिर वे शिकायत को लेकर सरगुजा एसपी कार्यालय पहुंचे थे। मृतक गुरु प्रसाद जायसवाल की पत्नी पुष्पा जायसवाल, पुत्री पारुल और भतीजा अविनाश जायसवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि गुरु प्रसाद जायसवाल की मौत 20 सितंबर को अंबिकापुर के एक होटल में हुई थी। कमरे में फांसी पर झूलता शव मिला था, पुलिस ने कमरे से सुसाइड नोट सहित रुपए लेनदेन से संबंधित दस्तावेज बरामद किए थे। सुसाइड नोट सहित अन्य दस्तावेजों के अवलोकन के बाद कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित किए जाने सहित अन्य धाराओं के तहत राजेश जायसवाल, चेतन जायसवाल, केतन जायसवाल, राजकीर्ति जायसवाल, अंचल जायसवाल और बलवंत शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था, मगर एफआईआर के 60 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कथित तौर पर आरोपी बाहर घूमते हुए उनसे समझौता करने दबाव बना रहे हैं। पुत्री ने आरोप लगाया है कि उन्हे 20 लाख रुपए और जमीन का दस्तावेज देने का भी प्रलोभन के साथ धमकी दिया गया। परिवार में केवल महिला सदस्य होने का हवाला देते हुए भी कहा जा रहा है कि कब तक लड़ोगे। पत्नी, पुत्री ने यह भी कहा कि आरोपी बाहर घूम रहे हैं, जिससे उनके साथ अनहोनी का भय बना रहता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अस्तोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
शीघ्र गिरफ्तार होंगे आरोपी
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुपलेश कुमार ने कहा कि चुनावी व्यस्तता के कारण थोड़ा विलंब हुआ है। आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।




