ब्रेकिंग : चोरों ने लिपिक के सुने घर में दिन दहाड़े दबिश दे उड़ाया 8 लाख रुपए का जेवरात ... विश्रामपुर में हुई वारदात ...

ब्रेकिंग : चोरों ने लिपिक के सुने घर में दिन दहाड़े दबिश दे उड़ाया 8 लाख रुपए का जेवरात ... विश्रामपुर में हुई वारदात ...

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सूरजपुर। ब्यूरो (भूपेंद्र राजवाड़े) छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला के  बाल संरक्षण इकाई के लिपिक  वरूण प्रकाश सैंदाणे निवासी बिश्रामपुर के 1 सी कॉलोनी के क्वार्टर नम्बर-10 के बंद आवास का ताला तोड़ अज्ञात चोरों ने करीब 8 से 10 लाख रूपए का सोने का जेवरात पार कर दिया। वरुण प्रकाश ने बताया कि  10 जनवरी को वह क्वार्टर में ताला बंद कर अधिकारी के साथ अम्बिकापुर गया  था। शाम के समय पड़ोसी मित्र जब घर में   लाइट जलाने गया तो घटना का पता चला।  लाईट जलाते ही मित्र दंग रह गया।  वीडियो कॉल के माध्मय से उसने घर का नजारा दिखाया । सारा सामान बिखरा हुआ था। खबर पर  वे वापस लौटे और जांच की तो पता चला अलमारी में रखा कुल साढ़े सात तोले के सोने के जेवरातों की चोरी हुई है। जिसमें 6 नग सोने का कंगन 6 , 2 नग सोने का मंगल सूत्र, 3 नग सोने की चेन , 2 नग सोने की अंगूठी , 3 नग सोने का झुमका व गुल्लक में रखा सिक्को के कलेक्शन शामिल हैं। प्रार्थी वरूण प्रकाश ने पुलिस को बताया कि वे मूलत: महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और उसके पिता पूर्व में एसईसीएल में कार्यरत थे, अब रिटायर्ड हो चुके हैं। उसके माता पिता पिछले एक-दो महीने से महाराष्ट्र गये हुए हैं। इसी बीच यह घटना हो गई। इसके पूर्व भी  2013 में उनके इसी घर में चोरों ने  लैपटॉप व चांदी के जेवरात की   चोरी हुई है इस मामले में भी पुलिस के हाथ अभी भी खाली है। 

बिल भी साथ ले गए

 पीड़ित वरुण प्रसाद ने बताया कि चोर सोने के जेवरात के साथ डिब्बे में रखा बिल भी अपने साथ ले गये। जिसके कारण वह पुलिस के समक्ष चोरी गये जेवर का बिल प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है। बिल नही होने के कारण पुलिस ने महज 1 लाख 20 हजार रूपए की चोरी की शिकायत दर्ज की है।   जबकि वास्तव में सात- आठ लाख रूपए के जेवरातों की चोरी हुई है।

घटिया पुलिसिंग से बेखौफ हुए चोर उचक्के

 सूरजपुर जिला में घटिया पुलिसिंग के चलते चोर उचक्के के हौसले बुलंद हैं। पुलिस की गश्त कागजों पर चल रही है और बदमाश बेखौफ हो गए हैं। रात तो रात अब दिन में भी चोरी की घटनाएं होने लगी है। चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ने से लोगों में रोष भी है।

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