पुल टूटे या हो चक्काजाम ... जरूरतमंद इलाकों तक दवा सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने ड्रोन बनेगा पुष्पक विमान .... प्रतापपुर से गोविंदपुर तक दवा, रक्त सैंपल भेजने का हुआ ट्रायल ... 19 मिनट में कार्य सिद्ध कर लौटा ड्रोन ....

पुल टूटे या हो चक्काजाम ... जरूरतमंद इलाकों तक दवा सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने ड्रोन बनेगा पुष्पक विमान .... प्रतापपुर से गोविंदपुर तक दवा, रक्त सैंपल भेजने का हुआ ट्रायल ... 19 मिनट में कार्य सिद्ध कर लौटा ड्रोन ....

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 सूरजपुर। (भूपेंद्र राजवाड़े)। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज के बाद आज सूरजपुर जिला के प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 40 किमी दूर गोविंदपुर में ड्रोन से दवा, रक्त सैंपल,रिपोर्ट भेजने का सफल ट्रायल किया गया। यहां से 19 मिनट में ड्रोन सिकल सेल का सैंपल लेकर प्रतापपुर में पहुंच गई। दरअसल गोविंदपुर में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। प्रतापपुर से ड्रोन जब गोविंदपुर में पहुंची तो ग्रामीणों में यह कौतूहल का भी विषय बन गया। लोग उत्साहित हो उठे। इस दौरान  सूरजपुर के कलेक्टर रोहित व्यास, जिपं सीईओ कमलेश नंदिनी साहू, सीएमएचओ डॉ.आरएस सिंह सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बीएमओ, जिला व ब्लॉक के अधिकारी-कर्मचारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। 

बैंगलोर की कंपनी ने किया ट्रायल 

 बैंगलोर की कंपनी रेडविंग बेंगलुरू प्राईवे लिमिटेड के आपरेटर रोहित देवांगन, पायलेट सचिन व पिनाकी के द्वारा ट्रायल किया गया। 

पीएम मोदी का है ड्रीम प्रोजेक्ट

 स्वास्थ्य के क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग का यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट हैं । इस योजना  के तहत मार्ग में जाम लगने, पुल इत्यादि टूटने या किसी अन्य कारणों से मार्ग बाधित होने की स्थिति में वांछित इलाकों तक जरूरी स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने, जरूरी दवाईयां पहुंचाने से लेकर सैम्पल कलेक्शन, रिपोर्ट देने, सैम्पल लाने सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए ड्रोन प्रोजेक्ट की योजना बनाई गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों तक जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सके। 

वरदान बनेगी यह योजना - कलेक्टर 

गोविंदपुर में आयोजित जन समस्या निवरण शिविर स्थल पर मौजूद सूरजपुर कलेक्टर रोहित व्यास के द्वारा  सिकल सेल एनिमिया का रक्त सैम्पल ड्रोन में रखा गया । इसके बाद ड्रोन ने उड़ान भरी ।  कलेक्टर ने कहा कि सूरजपुर जैसे पिछड़े, आदिवासी बाहुल्य इलाकों में यह  महत्वाकांक्षी  योजना किसी वरदान से कम नहीं है।  ड्रोन तकनीक के सफल ट्रायल के बाद  जिले में इसकी सेवा शुरू होती है तो जिले के जरूरतमंद क्षेत्रों तक संकट के समय आसानी से स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकेगी। 

प्रोटोकाल का करना होगा पालन 

सीएमएचओ डॉ.आरएस सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बैंगलोर की कंपनी के द्वारा केन्द्र सरकार के पायलेट प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन से दवा पहुंचाने, सेम्पल कलेक्ट करने का सफल ट्रायल किया गया है।  डॉ.आरएस सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ड्रोन के उड़ान भरने व लैंडिंग के लिए प्लेन और हैलीकॉप्टर की तरह ही पहले अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन उक्त ड्रोन के उड़ान के लिए केवल एयरपोर्ट एरिया में ही अनुमति लेनी होगी। साथ ही जिले के पुलिस अधीक्षक सहित रास्ते में पड़ने वाले थाना व चौकियों को भी उड़ान के पूर्व सूचना देनी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रीन जोन में ड्रोन के उड़ान भरने के लिए किसी भी प्रकार के अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है। ग्रीन जोन में ड्रोन बगैर अनुमति आसानी से उड़ान भरने के साथ लैंडिंग भी कर सकता है।

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