और... रात होते ही दूधिया रोशनी से नहा उठा अंबिकापुर का गांधी स्टेडियम... टीएस सिंहदेव की पहल पर 4 करोड़ की लागत से हुए यह कार्य ...

और... रात होते ही दूधिया रोशनी से नहा उठा अंबिकापुर का गांधी स्टेडियम... टीएस सिंहदेव की पहल पर 4 करोड़ की लागत से हुए यह कार्य ...

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 अंबिकापुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री  टीएस सिंहदेव की पहल पर संभाग मुख्यालय अंबिकापुर का गांधी स्टेडियम नए स्वरूप में तेजी से संवर रहा है। अम्बिकापुर विधायक रहते हुए उन्होंने गांधी स्टेडियम में फ्लड लाईट, मेश फेन्सींग, ग्रास सीटिंग, टेन्साईल रुफिंग, बास्केटबॉल के सिंथेटिक कोर्ट सहित स्टेडियम में कुर्सियों को लगवानेे के लिये करीब 4 करोड रुपय की स्वीकृति दी थी। नगर पालिक निगम के माध्यम से होने वाले इन कार्यो का शिलान्यास 7 अक्टूबर 2023 को जिला पंचायत उपाध्यक्ष  आदित्येश्वर शरण सिंहदेव के द्वारा किया गया था।गांधी स्टेडियम के चारो कोने में फ्लड लाईट लग जाने से यह स्टेडियम रात्रि कालीन खेल सुविधा के लिये तैयार हो गया है। फ्लड लाईट स्थापना के साथ ही इसकी टेस्टिंग कर जांच कर ली गयी है, प्रत्येक फ्लड लाईट टावर की उॅंचाई 25 मीटर है जिसपर 500 वाट के 24 लाईट लगे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री के पहल से प्राप्त राशि से गांधी स्टेडियम में अन्य विकास कार्यों पर कार्य तेजी से जारी है। 

ट्रायल में यह रहे मौजूद



नगर निगम अम्बिकापुर द्वारा फ्लड लाइट का ट्रायल किया गया जिसमें महापौर  अजय तिर्की , सभापति श्री अजय अग्रवाल , MIC सदस्य दुतेंद्र मिश्रा, पूर्व पार्षद संजीव मंडिलवार, कांग्रेस नेता परवेज आलम गांधी, विकाश शर्मा, निगम अधिकारी प्रशांत खुल्लर , शिव अग्रवाल सहित उपस्थित थे।

मैं विधायक रहूं या नहीं संभाग के बेहतरी के लिए करता रहूंगा प्रयास - Ts 


पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि वे विधायक हों या न हों अम्बिकापुर और सरगुजा संभाग के बेहतरी के लिये हमेशा प्रयासरत् रहेंगे। उन्होंने कहा है कि अम्बिकापुर शहर में उनके कार्यकाल में स्थापित हमर क्लिनिक के बेहतर संचालन की बात हो या शेष हमर क्लिनिकों की स्थापना की बात हो वे इस दिशा में प्रयास करते रहेंगे। ऐसी सूचनाएं आ रही है कि वर्तमान में जो हमर क्लिनिक संचालित हैं वहां की व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई हैं। इन्हें दुरुस्त करने का मै प्रयास करुंगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पूर्ण निर्माण के लिये प्रयासरत् हॅूं। इसके लिये शासन से 100 करोड रुपय के फंड की आवश्यकता हैं। उम्मीद है कि इस आदीवासी आंचल की आवश्यकताओं को देखते हुए शासन इस दिशा में सहानूभूतिपूर्वक विचार करेगा। मेरे कार्यकाल में अम्बिकापुर शहर के लिये जिन बाईपास मार्गों का टेंडर हो चुका है, उनके कार्य आलाटमेंट के लिये भी पहल कर रहा हॅूं। 

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