अंबिकापुर। खबरी गुल्लक।। 20 मार्च 2021 ।।
आय से 1.4 करोड़ की अधिक संपत्ति अर्जित करने के एक मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार अधिनियम ममता पटेल की अदालत ने नान के तत्कालीन सहायक प्रबंधक रवीन्द्रनाथ सिंह को आरोपित धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए पांच साल कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी है। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर 5 माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान है। न्यायालयीन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 10 वर्ष पूर्व नागरिक आपूर्ति निगम के सहायक प्रबंधक रवीन्द्रनाथ सिंह सूरजपुर जिले में पदस्थापना ले रहे थे तभी एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उनके अंबिकापुर स्थित निवास में दबिश देकर दस्तावेजों के अलावा चल अचल संपत्ति की भी पड़ताल करते हुए 1 करोड़ 41 लाख 15 हजार 340 रुपए की संपत्ति जब्त की थी। सहायक प्रबंधक के भतीजे और वरिष्ठ असिस्टेंट सुधीर कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। इस मामले में एसीबी द्वारा 12 फरवरी 2016 में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। जिसमें एसीबी ने यह आरोप लगाया था कि तत्कालीन सहायक प्रबंधक रवीन्द्रनाथ सिंह की सर्विस के दौरान वेतन के आधार पर कुल आय 37 लाख 83 हजार रुपए होनी चाहिए थी, जबकि एसीबी की पड़ताल में 7 लाख 16 हजार रुपए नगद, सोने, चांदी के आभूषण के अलावा जमीन के दस्तावेज मिले थे। एसीबी के द्वारा उनके निवास से कुल 1 करोड़ 41 लाख 15340 हजार की संपत्ति जब्त की थी। जिससे उनके आय से
1 करोड़ 4 लाख 72703 रुपए की अधिक संपत्ति का खुलासा करते हुए संपत्ति जब्त किया गया था।मामले में सुनवाई करने हुए विद्वान न्यायाधीश ने कहा है कि भ्रष्टाचार को हर हाल में हतोत्साहित करने की जरूरत है। इस टिप्पणी के साथ सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप प्रमाणित पाए जाने पर सहायक प्रबंधक रवीन्द्रनाथ सिंह को उक्त सजा दी गई।




