अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।
इस साल करवा चौथ पर आकाश में शुभ संयोगों की ऐसी अद्भुत श्रृंखला बन रही है, जो लगभग 200 वर्षों बाद देखने को मिलेगी। शुक्रवार, 10 अक्टूबर को इस व्रत का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन कृतिका नक्षत्र शाम 5:31 बजे तक रहेगा, जिसके बाद रोहिणी नक्षत्र का आरंभ होगा। ज्योतिष के अनुसार कृतिका साहस और ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा उच्च स्थिति में होता है, जो व्रती महिलाओं के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है।
ज्योतिषविदों के अनुसार इस करवा चौथ पर सिद्धि योग, शिववास योग (लगभग 200 वर्षों बाद), बुधादित्य योग और केतु योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं। इस योग के प्रभाव से वृषभ, कन्या, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि के दंपतियों को दाम्पत्य जीवन में प्रेम, सुख-समृद्धि और रिश्तों में मजबूती प्राप्त होगी।
राहुकाल और पूजन मुहूर्त
आज राहुकाल सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। इस समय में किसी भी शुभ कार्य से बचने की सलाह दी गई है। वहीं शाम 5:41 बजे के बाद व्यतिपात और विदाल योग प्रभावी रहेंगे, जिनमें विशेष सतर्कता बरतना उचित होगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:07 बजे तक रहेगा। इस बीच महिलाएं करवा माता की पूजा और व्रत कथा सुनेंगी। छत्तीसगढ़ में चंद्रोदय रात 7:48 बजे के आसपास होगा, जिसके बाद महिलाएं व्रत खोलेंगी।
मेहंदी का ज्योतिषीय रहस्य
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मेहंदी में चंद्र और शुक्र ग्रह की ऊर्जा निहित होती है। चंद्रमा मन की शांति और शीतलता का प्रतीक है, जबकि शुक्र प्रेम, सौंदर्य और दांपत्य सुख का प्रतिनिधित्व करता है। करवा चौथ के दिन मेहंदी को सौंदर्य का ही नहीं बल्कि मानसिक संतुलन और शीतलता का प्रतीक भी माना गया है।



