अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 20 मई 2026
छत्तीसगढ़ के कोरबा में रविवार को 13 वीं स्टेट किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में सरगुजा जिले के खिलाड़ियों ने जबरदस्त प्रदर्शन कर जिले का परचम लहरा दिया। फीलानंदम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के योध्दा क्लब में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों ने कुल 14 पदक अपने नाम किए, जिनमें 10 स्वर्ण और 4 रजत शामिल हैं। इस प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में सरगुजा की किकबॉक्सिंग क्षमता और कोचिंग की गुणवत्ता को स्पष्ट कर दिया। प्रतियोगिता के दौरान सरगुजा के खिलाड़ी शारीरिक मजबूती, त्वरित तकनीक और निर्णायक फाइटिंग रणनीति के कारण कई मुकाबले एकतरफा जीत गए। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच तालमेल और आत्मविश्वास ने दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रशिक्षकों के मुताबिक, खिलाड़ियों की तैयारी में संयमित ट्रेनिंग, स्पारिंग और स्ट्रैटेजिक वर्कआउट ने निर्णायक भूमिका निभाई।
स्वर्ण पदक विजेता
- सरवर एक्का (-51kg LK)
- आशीष तिर्की (-67kg LK)
- सिद्धांत लकड़ा (-51kg LC)
- अमन जेनिश (-94kg KL)
- अनीश एक्का (-74kg KL)
- न्यूटन कुजूर (-81kg K1)
- लकी ठाकुर (-45kg KL)
- खेलावन दास (-69kg KL)
- प्रीति पैकरा (-40kg KL)
- स्वाति राजवाड़े (-56kg LK)
रजत पदक विजेता
- अयान कुमार सिंह (-69kg KL)
- मनोरंजन (-51kg KL)
- आकाश सोनवानी (-69kg LC)
- सोनिया सिंह (-50kg KL)
प्रशिक्षक और अधिकारियों के बयान
फीलानंदम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के डायरेक्टर अतुल मेहता और रेखा मेहता ने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि यह सफलता सरगुजा जिले के खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अतुल मेहता ने बताया, "खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और समर्पण ने यह परिणाम दिलवाया है। हम आगे भी बेहतर संसाधन और प्रशिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराएंगे ताकि ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी नाम कमा सकें।
सरगुजा जिला किकबॉक्सिंग संघ के पदाधिकारियों ने भी खुशी व्यक्त की। संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष दीपक सुरियावंशी, सचिव सरवर एक्का, कोषाध्यक्ष वर्षा गुप्ता और उप सचिव नितिन श्रीवास्तव ने मिलकर कहा कि यह उपलब्धि जिले की बढ़ती खेल संस्कृति का प्रमाण है। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और आगे की प्रतियोगिताओं में समर्थन को लेकर विश्वास व्यक्त किया।
स्थानीय परिदृश्य और महत्व
सरगुजा जैसा पिछड़े हुए माना जाने वाला जिला अब खेलों के जरिए पहचान बना रहा है। योध्दा क्लब और फीलानंदम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ने स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर न केवल शारीरिक रूप से सशक्त बनाया है बल्कि उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और साहस की भावना भी विकसित की है। इस सफलता से क्षेत्रीय स्तर पर खेलों के प्रति रुचि और समर्थन में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे की तैयारी
पदाधिकारियों और कोचों ने बताया कि जल्द ही विजेताओं के सम्मान और अंतर-प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही संभावित राष्ट्रीय और अंडर-21 राज्यों की प्रतियोगिताओं के लिए चयन प्रक्रियाओं और विशेष ट्रेनिंग कैंपों की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
नितांत महत्वपूर्ण: युवा सितारों की कहानी
कुछ खिलाड़ियों की जीत विशेष रूप से प्रेरक रही — उदाहरण के तौर पर छोटे वजन में लकी ठाकुर और प्रीति पैकरा ने अपनी मजबूत तकनीक और तेज कदमों से ऑडियंस का ध्यान खींचा। वहीं न्यूटन कुजूर और अमन जेनिश जैसी मिड-हैवी वेट प्रतिभाओं ने शक्ति और रणनीति का संतुलित मिश्रण दिखाया, जिससे निर्णायक विजय मिली।




