राष्ट्रीय सेवा योजना: सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय अंबिकापुर में 7 दिवसीय कार्यशाला.. कुल सचिव ने व्यक्ति की पहचान नाम से नहीं कर्म से होती है..

राष्ट्रीय सेवा योजना: सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय अंबिकापुर में 7 दिवसीय कार्यशाला.. कुल सचिव ने व्यक्ति की पहचान नाम से नहीं कर्म से होती है..

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अम्बिकापुर।।खबरी गुल्लक ।। 22 मई 2026 

 भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय सेवा योजना  के संयुक्त तत्वावधान में संचालित सात दिवसीय आवासीय कार्यक्रम अधिकारी प्रशिक्षण कार्यशाला  का पंचम दिवस आज सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, सुभाष नगर, अम्बिकापुर में मनाया गया। कार्यशाला का आयोजन 18 से 24 मई 2026 तक संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा एवं सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय के संयुक्त मार्गदर्शन में किया जा रहा है। दिवस की शुरुआत योगाभ्यास से हुई। मुख्य अतिथि संत गहीरागुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा के माननीय कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी थे। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं के रूप में डॉ. एस. के. त्रिपाठी पूर्व रासेयो समन्वयक, संत गहिरागुरु विश्वविद्यालय) तथा डॉ. अनिल सिन्हा एवं डॉ. मनोज सिन्हा (रासेयो समन्वयक, अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर) उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सत्र का उद्घाटन दीप प्रज्वलन से किया गया तथा अतिथियों का शॉल, जीवंत पौधा और श्रीफल से सम्मान किया गया।

कुलसचिव डॉ. त्रिपाठी ने कार्यक्रम अधिकारियों को एनएसएस के माध्यम से समाज सेवा और व्यक्तित्व निर्माण की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान उसके कार्यों से होनी चाहिए, नाम से नहीं। डॉ. त्रिपाठी ने कार्यक्रम अधिकारियों को प्रेरणा स्रोत बनने का आह्वान करते हुए स्वयं के प्रेरणादायक अनुभव साझा किए और  पानी संरक्षण, वृक्षारोपण, चिंतन-संवेदना और क्रिया द्वारा विकसित भारत 2047 में योगदान देने की नैतिक जिम्मेदारी पर ज़ोर दिया।

द्वितीय सत्र में डॉ. एस. के. त्रिपाठी ने रासेयो कार्यक्रम के जरिए व्यक्तित्व विकास और स्वयंसेवकों की मनोबल वृद्धि पर जोर दिया। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे स्वयंसेवकों को एनएसएस का गठन, इतिहास, उद्देश्य व लक्ष्य विस्तार से समझाएं और उनका उत्साह व नेतृत्व क्षमता बढ़ाने का कार्य करें।

तृतीय सत्र में डॉ. मनोज सिन्हा ने स्वच्छता, सुशासन व पर्यावरण संवर्धन पर विचार रखे। उन्होंने प्रत्येक समूह को विषय देकर स्थानीय स्तर पर स्वच्छता अभियानों एवं समाधान पर चर्चा कर निकटवर्तीय क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए जाने हेतु प्रेरित किया।

चतुर्थ सत्र में डॉ. अनिल सिन्हा ने नदी व मृदा संरक्षण पर बल देते हुए एनएसएस इकाइयों से वर्षभर जनजागरूकता और श्रमदान आधारित गतिविधियाँ संचालित करने का आह्वान किया। उन्होंने स्वयंसेवकों से निकटस्थ जलस्रोतों की सफाई, प्लास्टिक व अपशिष्ट हटा कर नदी बचाओ–जीवन बचाओ विषय पर रैली, नारा लेखन एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित करने तथा विशेष शिविरों में नाला सफाई, सोख्ता गड्ढा निर्माण व जल संरक्षण संरचनाओं का विकास करने का सुझाव दिया।

कार्यशाला में रासेयो जिला संगठक प्रो. खेमकरण अहिरवार, स्थानीय कार्यक्रम अधिकारी  रानी रजक, सीमा बंजारे,  सुनीता दास,  धर्मेन्द्र श्रीवास्तव,  राकेश राय,  राजीव कुमार, अर्चना सोनवानी सहित सरगुजा संभाग के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के कार्यक्रम अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ सत्रों में भाग लिया और प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। समापन पर आयोजकों ने अतिथियों व सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा प्रतिभागियों को भविष्य में एनएसएस के माध्यम से समाज सेवा एवं व्यक्तित्व विकास के कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।


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