कम समय में रकम दोगुना करने का झांसा दे कराया साढ़े 9 करोड़ निवेश.. पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी बलराम और अखिलेश ..!

कम समय में रकम दोगुना करने का झांसा दे कराया साढ़े 9 करोड़ निवेश.. पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी बलराम और अखिलेश ..!

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अंबिकापुर ।।खबरी गुल्लक।।

थाना गांधीनगर पुलिस ने इनामी चिटफण्ड और धन परिचालन की स्कीम चलाकर सैकड़ों निवेशकों को ठगने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों पर वेलफेयर बिल्डिंग्स एंड ईस्टेट्स प्रा. लिमिटेड कंपनी के माध्यम से निवेशकों को धन दुगुना करने का झांसा देकर करीब ₹9,26,60,554 की ठगी करने का आरोप है। 

डीआईजी एवं एसएसपी  राजेश अग्रवाल  के दिशा-निर्देशन में सरगुजा पुलिस की सक्रियता जारी है। इसी के तहत थाना गांधीनगर ने इनामी चिटफण्ड और धन परिचालन स्कीम में संलिप्तता पाए जाने पर किया 27 मई 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामला 4 सितंबर 2024 को दर्ज शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें पीड़ित देवराज यादव निवासी मैनपाट  ने वेलफेयर बिल्डिंग्स एण्ड ईस्टेट्स प्रा.लि. पर आरोप लगाया था कि अंबिकापुर में कंपनी कार्यालय खोलकर निवेशकों से धन जमा करवाया गया और बाद में कंपनी बंद कर दी गई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़ितों और अन्य गवाहों से विस्तृत पूछताछ की और निवेशक सूचियां, जमा संबंधी बॉण्ड पेपर, रसीद, मेमोरेंडम और अन्य साक्ष्य-पत्र जब्त किए। जांच में कंपनी में निवेश की गई कुल राशि लगभग 9.26 करोड़ पाई गई। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने जिला सरगुजा व आस-पास के इलाकों में कार्यालय खोलकर गरीब, अशिक्षित और जनजातीय समुदाय के निवेशकों को लक्षित किया तथा उच्च रिटर्न का लालच देकर धन जुटाया गया। निवेशकों को दे कराए गए बांड-पेपर व अन्य दस्तावेजों को भी जप्त कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान  अखिलेश कुमार प्रजापति पिता स्व. मालदेव महतो उम्र 56 वर्ष निवासी सिंगड़ूरिया थाना सतबरवा, जिला पलामू झारखंड; तथा बलराम पाठक पिता दामोदर पाठक  64 वर्ष निवासी लोहड़ी, थाना लेस्लीगंज जिला पलामू झारखंड के रूप में की गई। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने नोटिस में दिए गए पूछताछ संबंधी बिंदुओं और अपने मेमोरेंडम में कंपनी में पदाधिकारी के रूप में कार्य करने तथा प्रसार-प्रचार में सहयोग करने और आर्थिक लाभ प्राप्त करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनमें कंपनी निदेशकों से हुई बातचीत के सबूत मिले हैं।

                    पुलिस के अनुसार वेलफेयर बिल्डिंग्स एंड एस्टेट्स प्रा.लि. ने कम समय में अधिकतम निवेश जुटाने के उद्देश्य से धोखाधड़ी के जरिये स्थानीय एजेंटों को कमीशन देकर चैन सिस्टम का निर्माण किया और बिना किसी वैधानिक अनुमति के लोगों से धन एकत्र करना शुरू कर दिया। आरोप है कि कंपनी ने रिजर्व बैंक या अन्य सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के बिना परिचालन कर निवेशकों से धन लिया, जो कि कानून के विरुद्ध है। प्रकरण में इनामी चिट और धन परिचालन स्कीम  अधिनियम, 1978 की धाराओं 4, 5, 6 तथा छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों के संरक्षण नियम, 2005 की धारा 10 के तहत अपराध पाया गया और उक्त धाराएं जुड़ाई गईं। इस मामले में थाना गांधीनगर के थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सअनि अभिषेक दुबे, आरक्षक रिषभ सिंह, अरविंद उपाध्याय, अमृत सिंह, अतुल सिंह तथा अन्य जवानों की भूमिका उल्लेखनीय रही।



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