अंबिकापुर।खबरी गुल्लक।
साइबर अपराध के खिलाफ सरगुजा पुलिस के हाथ केवल खातेदार तक पहुंच रहे हैं,जबकि गाँव,शहर के युवाओं, विद्यार्थियों को चंद रूपये का लालच दे बैंक खाता खुलवा ठगी के रकम का लेनदेन करने वाले सरगना की परछाईं तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है।
गांधीनगर पुलिस ने पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा प्राप्त निर्देशों के तहत म्यूल खाता धारक लक्ष्मण नागेश निवासी लुण्ड्रा गुजरवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक म्यूल खाता धारक के खाते के माध्यम से विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन साइबर ठगी के मद में धनराशि प्राप्त की गई थी।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आईडीबीआई बैंक में पंजीकृत खाता के बैंक स्टेटमेंट व केवाईसी दस्तावेजों की जांच की गई। दस्तावेजों के अनुसार यह खाता लक्ष्मण नागेश पिता भगलू राम निवासी गुजरवार लुण्ड्रा सरगुजा के नाम था। उक्त खाते के खिलाफ गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना तथा तमिलनाडू के साइबर पुलिस पोर्टलों के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की अलग- अलग शिकायतें दर्ज कराई गईं। शिकायतों और बैंक दस्तावेजों के मिलान पर पाया गया कि म्यूल खाते में कुल 5,73,999 राशि प्राप्त हुई थी, जबकि खाते में 21 सितंबर 2024 से 14 अक्टूबर 2024 के बीच कुल 33,15,010 रूपये जमा होकर अन्य खातों में लगातार ट्रांसफर भी हुए हैं। गांधीनगर थाना में इस संबंध में विवेचना के दौरान बैंक स्टेटमेंट और केवाईसी की पड़ताल से प्राप्त तथ्य, साइबर शिकायतों के विवरण और ट्रांजैक्शन के अनुरेखन से आरोप पुष्टि की ओर बढ़ी।
पुलिस ने बताया कि खाते के धारक लक्ष्मण नागेश को तलब कर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने किसी तीसरे व्यक्ति के कहने पर ऑनलाईन गेम से जुड़े लेनदेन के उद्देश्यों के लिए खाता खुलवाया था और खाते की पासबुक, एटीएम व सिम उस व्यक्ति को सौंप दिया था। आरोपी ने यह भी कहा कि उसे इस काम के एवज में नकद 10,000 रूपये प्राप्त हुए थे। घटना में प्रयुक्त मोबाइल तथा सिम प्रमाण के रूप में जप्त कर लिए गए और गवाहों के समक्ष संलग्न किए गए। जांच में पर्याप्त अपराध साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपनिरीक्षक दिलीप दुबे व आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह तथा अमृत सिंह की टीम ने गिरफ्तारी व साक्ष्य संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



