पालतू बिल्ली की आंत से निकला टैपवार्म, सफल सर्जरी से बची जान.. कुत्ते की आंत से निकालें 3 लैटेक्स बैलून.. डॉ सफ़दर अली खान की टीम ने किया सफल आपरेशन

पालतू बिल्ली की आंत से निकला टैपवार्म, सफल सर्जरी से बची जान.. कुत्ते की आंत से निकालें 3 लैटेक्स बैलून.. डॉ सफ़दर अली खान की टीम ने किया सफल आपरेशन

khabrigullak.com
By -
0

 

अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक ।। 25 जून 2026 

पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ आरपी शुक्ला के मार्गदर्शन में सरगुजा जिले के पशु चिकित्सालय लखनपुर में 3 माह की पालतू बिल्ली की जटिल आंत सर्जरी कर आंत में फँसा परजीवी (टैपवार्म) का गुच्छा निकाला गया। बिल्ली के स्वामी  राधे कृष्णा ने बताया कि उनकी बिल्ली पिछले दो सप्ताह से बार‑बार उल्टी और कुछ दिनों से मल त्याग बंद होने की शिकायत कर रही थी। बार‑बार उल्टी और कमजोरी देख पशुचिकित्सक डॉ. सफदर अली खान व टीम ने एक्सप्लोरेटरी लैप्रोटॉमी करके कारण जांचने का निर्णय लिया।

सर्जरी के दौरान आंत में एक स्थान पर पूर्ण अवरोध पाया गया। जांच में पता चला कि अवरोध परजीवी गुच्छे (टैपवार्म) के कारण हुआ था जिसे एंटरोटॉमी (आंत खोलकर) निकालकर हटाया गया। डॉ. सफदर ने बताया कि परजीवी के कारण भोजन, पानी और गैस का प्रवाह रुक गया था, जिससे आंतों में पूर्ण रुकावट (ऑब्स्ट्रक्शन) हुई और बिल्ली गंभीर रूप से कमजोर हो गई थी। समय रहते सर्जरी करावाने से आंत का प्रवाह बहाल किया गया।

 बिल्ली की स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है और पशुचिकित्सालय में चिकित्सकीय निगरानी व उपचार चल रहा है। डॉ. सफदर ने पशु मालिकों से अपील की है कि पालतू जानवरों में लगातार उल्टी, पेट में सूजन या मल त्याग बंद होने पर देर न करें और तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि समय पर सर्जरी न होने पर स्थिति जटिल हो सकती है तथा जान को खतरा पैदा हो सकता है।

 पालतू कुत्ते की आंत से निकालें 3 लैटेक्स बैलून.. सर्जरी कर जान बचाई

  लखनपुर स्थित पशु चिकित्सालय में  एक मादा पालतू कुत्ते की जटिल आंत सर्जरी कर उसमें फंसे तीन बैलून (लेटेक्स गुच्छे) निकाले गए। कुत्ते के स्वामी श्री मनोज गुप्ता ने बताया कि उनकी कुत्ते को पिछले दो माह से खाना खाने के तुरंत बाद तेज़ और बार‑बार उल्टी की समस्या थी और कुछ दिनों से वह मल त्याग करना बंद कर चुकी थी। तेज़ उल्टियों से कुत्ता कमजोर और चलने‑फिरने में असमर्थ हो गया था। दवा उपचार का कोई लाभ न मिलने पर डॉ. सफदर अली खान व उनकी टीम ने एक्सप्लोरेटरी लैप्रोटॉमी कर आंत की जाँच करने का फैसला लिया।

सर्जरी के दौरान आंत में दो स्थानों पर पूर्ण अवरोध मिला। अवरोधों के भीतर तीन लैटेक्स बैलून पाए गए, जिन्हें एंटरोटॉमी के माध्यम से हटाया गया। डॉ. सफदर अली खान ने बताया कि पेट में निगले गए लेटेक्स बैलून टूटते नहीं और बड़े गुच्छों में बदलकर या रेखीय प्रकार के ढांचे बनाकर आंत में फंस जाते हैं, जिससे आंतों में पूर्ण रुकावट पैदा हो जाती है और भोजन, पानी तथा गैस का प्रवाह रुक जाता है। समय पर सर्जरी कराए जाने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सका।

 कुत्ता अभी नाजुक अवस्था में है और अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी व उपचार चल रहे हैं। पशुचिकित्सक ने मालिकों से आग्रह किया है कि बच्चों और पालतुओं की पहुँच से बैलून और छोटे खिलौने दूर रखें तथा पालतुओं को निगलने योग्य वस्तुएँ न खेलने दें। इसके अलावा उन्होंने नियमित कीटनाशक और मैडीकल चेक‑अप की सलाह दी।


एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)