अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक
गांधीनगर पुलिस ने एक योजनाबद्ध ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर टिकट-टिप्स व फर्जी पंजीकरण दस्तावेज दिखाकर पीड़ितों को गुमराह कर कुल रुपये तीन करोड़ आठ लाख अठहत्तर हजार की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि प्रार्थी करमबेल कच्छप (41 वर्ष) निवासी गंगापुरखुर्द ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 02 जुलाई 2023 से 30 सितंबर 2024 के मध्य आरोपियों ने फर्जी रिपोर्ट व रजिस्ट्रेशन दस्तावेज दिखाकर उसे पुरानी दुर्लभ वस्तु, रेडियोऐक्टिव पैकिंग होने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठग लिए। शिकायत के आधार पर गांधीनगर पुलिस ने धारा 318(4), 317(4), 111, 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया गया। साइबर सेल की तकनीकी सहायता से दो विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग राज्यों पश्चिम बंगाल व उत्तर प्रदेश तथा रेल मार्ग से मिली जानकारी के आधार पर सक्रियता दिखाई गई। टीमों ने पटना रेलवे स्टेशन पर विशेष घेराबंदी कर आरोपी बल्ला रामा कृष्णा व संजय कुमार बिंद को पकड़ा। इन दोनों के कब्जे से एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल बरामद किए गए। पूछताछ में ठगी के 3,08,78,000 रुपये के लेन-देन के सबूत मिले। प्रकरण का एक अन्य मुख्य आरोपी बाबू लाल राजभर को बनारस से गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को जेल भेजा गया।
यह हैं आरोपी
डॉ. बल्ला रामा कृष्णा (51 वर्ष), निवासी रत्नेश्वर घाट रोड, गारुलिया, थाना नौपाडा, कौशल्या — मनिदीपम, तेलंगाना।
संजय कुमार बिंद (38 वर्ष), निवासी जलाली पट्टी, थाना मदुवाडीह, वाराणसी, उत्तर प्रदेश।
बाबू लाल राजभर (55 वर्ष), पिता स्व . राजाराम, बेलरिया कृष्णा नगर पिंडरा, वाराणसी, उत्तर प्रदेश।
इस ऑपरेशन में थाना गांधीनगर प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, अमृत सिंह, रिषभ सिंह, अतुल सिंह, विकास सिंह तथा साइबर सेल से सउनि अजीत मिश्रा व आरक्षक रमेश राजवाड़े़ की सक्रिय भूमिका रही। साथ ही रेल्वे सुरक्षा बल, बिलासपुर की टीम के उपनिरीक्षक डी.के. सिंह, प्रधान आरक्षक रजनीश द्विवेदी व आरक्षक वैद्यनाथ ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। पुलिस ने बताया कि ठगी के और भी जुड़े हुए पहलुओं की जांच की जा रही है तथा मामले के अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी हैं। फॉरेंसिक व बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन की जांच के लिए संबंधित तकनीकी टीमों को लगाया गया है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा दुर्लभ वस्तु, रेडियोऐक्टिव पैकिंग या उच्च मूल्य के सामान बेचने/खरीदने के प्रस्ताव पर सावधानी बरतें, अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें और वित्तीय लेन-देन से पहले दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता जांच कर लें। समान प्रकार की कोई भी संदिग्ध जानकारी मिलते ही नजदीकी थाने या साइबर सेल को सूचित करें।




