पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों ने स्व. विद्याचरण शुक्ल को किया याद.. दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों ने स्व. विद्याचरण शुक्ल को किया याद.. दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व शहीद विद्याचरण शुक्ल  की 13 वी पुण्यतिथि पर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वर्ष 2013 को 25 मई को झीरम घाटी हमले में गंभीर रूप से घायल होने के उपरांत इलाज के दौरान 11 जून 2013 को उनकी मृत्यु हो गई थी। अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व रविशंकर शुक्ल के छोटे पुत्र स्व विद्याचरण शुक्ल राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। अलग छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया। पार्टी में उनके योगदान को याद करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने कहा कि विद्या भैया का राजनीतिक चरित्र इस दृष्टि से आज के परिपेक्ष्य में महत्वपूर्ण है कि वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ ही साथ आमजन की निः स्वार्थ सहायता के लिए लोकप्रिय थे। उनके विषय में यह बात लोकप्रिय थी की कोई व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने में खड़े होकर उनसे सहायता की उम्मीद करे तो उसकी जरूरत वो पूरी करते थे, इसी लिये वो आमजन और कार्यकर्ताओं के दिलों पे राज करते थे। श्रद्धांजलि सभा का संचालन पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष श्री हेमंत सिन्हा ने किया। सभा को मो इस्लाम, दुर्गेश गुप्ता, मदन जायसवाल, लोकेश कुमार, रजनीश सिंह ने भी संबोधित किया। श्रद्धांजलि सभा में  इंद्रजीत सिंह धंजल, दुर्गेश गुप्ता, ए पी सांडिल्य, संजय सिंह, जमील खान, प्रमोद चौधरी, मो हसन,  लुकस एक्का, बल्केश्वर तिर्की, निकी खान, अमित सिंह,  विकास केशरी, शिवराज सिंह, लखन मरावी, केदार यादव, वीरेंद्र सिन्हा, बिखन राम, शोभनाथ गुप्ता मौजूद थे।महान क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई । सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल मे है, देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है का नारा देने वाले अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल जी की जयंती पर जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। 19 दिसंबर 1927 को काकोरी कांड के महानायक को 30 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों ने फाँसी की सजा दे दी थी। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व राजेश पायलट को उनकी 26वी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। आज ही के दिन सन 2000 में उनकी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। एयरफोर्स की नौकरी छोड़ 6 बार सांसद बने राजेश पायलट का वास्तविक नाम राजेश कुमार विधूड़ी था। वे कांग्रेस महासचिव एवं छत्तीसगढ़ के प्रभारी  सचिन पायलट के पिता थे।


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