तीन मौत से दहला सरगुजा: नागरिकों ने कहा - जनता के पैसे से खैरात बांटने वाली सरकार .. जनता के पैसे से जनता को कब देगी सुरक्षा..! आकाशीय बिजली बन रही काल

तीन मौत से दहला सरगुजा: नागरिकों ने कहा - जनता के पैसे से खैरात बांटने वाली सरकार .. जनता के पैसे से जनता को कब देगी सुरक्षा..! आकाशीय बिजली बन रही काल

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 

छत्तीसगढ़ का सरगुजा संभाग सर्वाधिक गाज से मौत की घटनाओं के लिए जाना जाता है। बारिश के साथ ही गाज से मौत की घटनाएं भी शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम  डुमकी  में आज 29 जून सोमवार की शाम आकाशीय बिजली ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं।  बारिश के दौरान गिरी  आकाशीय बिजली मौत बनकर गिरी और  दो मासूम बच्चों सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्ची झुलस गई। जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। 

मृतकों में रामसाय पिता तिरकु बारगाह 36 वर्ष निवासी डुमकी करीपारा, रानी पिता मोहरसाय पावले 9 वर्ष निवासी दुप्पीचौरा पास्ता बलरामपुर, सागर पिता राजनाथ गोंड 5 वर्ष शामिल हैं घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम डुमकी में आज तीन बच्चे बारिश के पूर्व हवा चलने के दौरान पेड़ के नीचे आम बिन रहे थे,जबकि एक युवक वहां मवेशी चरा रहा था। इसी बीच चमक गरज के साथ बारिश होने लगी, जिससे चारों आम पेड़ के नीचे खड़े हो गए। तभी आकाशीय बिजली मौत बनकर गिरी और पल भर में दो मासूम बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक बच्ची झुलस गई। 

घटना की खबर लगते ही ग्रामीण भागते हुए पहुंचे, मृतकों को अचेत होने की संभावना पर अस्पताल ले गए जहां स्वास्थ्य परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने तीन को मृत घोषित कर दिया। एक साथ तीन शवों को जिसने देखा उसकी छाती फटने लगी। परिजन चीत्कार कर उठे,और वातावरण गमगीन हो गया। खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवो को मर्च्यूरी में रखवाया गया,जबकि झुलसी बालिका का उपचार जारी है। 

सरगुजा संभाग के अलग अलग इलाकों में गाज से मौत की घटनाएं लगातार हो रही है मगर शासन और प्रशासन स्तर पर गाज पर नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि हमारे ही पैसे से सरकार अपना चुनावी वादा पूरा कर रही है। वोट बैंक के लिए हर माह महतारियों को एक एक हजार रुपए दिया जा रहा है मगर हमारे पैसे से हमारी सुरक्षा क्यों नहीं सुनिश्चित की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि आज से करीब 25 वर्ष पूर्व शहरी क्षेत्र के अलावा गांवों में भी तड़ित चालक लगाया गया था, जिसके उपकरण और लोहे का ढांचा वर्तमान समय में पूरी तरह से गायब हो चुका। जिससे गाज गिरने की घटनाओं में पुनः वृद्धि हो गई। नागरिकों का कहना है कि जनता के पैसे से जनता को ही खैरात बांटने वाली सरकार क्या जनता के पैसे से जनता को सुरक्षा नहीं दे सकती है। इस और तत्काल प्रभावी कदम उठाया जाना चाहिए। नागरिकों ने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भी इस गंभीर विषय में ध्यान नहीं दिया। मौजूदा भाजपा सरकार भी अनदेखी कर रही है। जिला प्रशासन के द्वारा भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। 


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