अम्बिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 6 जून 2026
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा एवं डीआईजी राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक अम्बिकापुर राहुल बंसल ने को-ऑर्डिनेशन सेंटर में शहर के विभिन्न बैंक शाखा प्रबंधकों की बैठक लेकर साइबर अपराध, बैंक सुरक्षा एवं खातों पर लगाए गए होल्ड लीन की समस्या के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। बैठक में गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र द्वारा जारी एनसीआरपी-सीएफसीएफआरएमएस मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बैंक खातों के फ्रीज अथवा लीन होने की स्थिति में खातों को अनफ्रीज करने की प्रक्रिया, पीड़ितों को राशि वापस दिलाने की कार्यवाही तथा शिकायतों के त्वरित निवारण संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी।
सीएसपी बंसल ने बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए सभी शाखाओं में प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी रखने, उच्च गुणवत्ता एवं पर्याप्त स्टोरेज क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने, साइरन को सक्रिय रखने तथा समय-समय पर सुरक्षा संबंधी मॉक ड्रिल आयोजित करने पर जोर दिया। इसके अलावा बड़े वित्तीय लेन-देन की सूचना साझा करने, ग्राहकों को नकदी निकासी के बाद सतर्क रहने के लिए जागरूक करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में थाना गांधीनगर प्रभारी प्रवीण द्विवेदी, थाना प्रभारी मणिपुर सी.पी. तिवारी, साइबर सेल के उपनिरीक्षक अजीत मिश्रा सहित पुलिस अधिकारी एवं अम्बिकापुर शहर के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।
जीआरएम पोर्टल से मिलेगी राहत
बैठक में बताया गया कि जीआरएम पोर्टल के संचालन से बैंक खाताधारकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अब होल्ड या लीन राशि से संबंधित शिकायत के लिए खाताधारक सीधे अपनी बैंक शाखा में आवेदन कर सकेंगे। संबंधित बैंक आवेदन प्राप्त कर पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करेगा तथा 90 दिनों के भीतर शिकायत का निराकरण करने का प्रयास करेगा।अब नहीं लगानी होगी इधर-उधर की दौड़
नई व्यवस्था के तहत खाताधारकों को अपना होल्ड या लीन खाता हटवाने के लिए कहीं अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे ट्रांजैक्शन से संबंधित समस्त जानकारी एवं केवाईसी दस्तावेजों के साथ अपनी बैंक शाखा में आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों को तलब कर सकेगी तथा जांच प्रक्रिया में वीडियो कॉलिंग की सहायता भी ली जा सकेगी। इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और तेजी आएगी।






