बलरामपुर/ तातापानी। खबरी गुल्लक।17 जून 2026
बलरामपुर जिले के ग्राम तातापानी में NH-343 सड़क निर्माण कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत पिछले एक वर्ष से नहीं होने से ग्रामवासियों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित विभाग एवं निर्माण एजेंसी को शिकायतें देने के बावजूद भी समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। आज भूतपूर्व सैनिक दिलीप कुमार रोहित,जनपद सदस्य अमृत खलखो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बलरामपुर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी को ज्ञापन सौंप समस्या का अविलंब निराकरण कराए जाने की मांग करते हुए चेतावनी भी दी है, प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि पेयजल सहित अन्य परेशानी दूर नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि एक साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग NH-343 के नवीनीकरण/ निर्माण के दौरान सड़क के नीचे से गुजर रही मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। पाइपलाइन से पानी रिसने और लीक होने के कारण कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई। छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गृहिणियाँ सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्थानों पर पानी के लिए लोगों को 2-3 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है , कलेक्टर के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों- को समस्या निदान के निर्देश दिए और सोमवार तक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देश दिया।
कई बार लगाया गुहार
भूतपूर्व सैनिक दिलीप कुमार रोहित व ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मामले की जानकारी जिला पंचायत, जल आपूर्ति विभाग तथा निर्माण एजेंसी को कई बार दी, लेकिन मरम्मत का काम आरम्भ नहीं हुआ। कई मौकों पर आश्वासन मिला, परंतु जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी। स्थानीय जनपद सदस्य अमृत कुमार खलखो व भूतपूर्व सैनिक दिलीप कुमार रोहित के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने आज जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और शीघ्र मरम्मत की मांग की।यह है मांग
- संबंधित विभाग एवं निर्माण एजेंसी को तत्काल निर्देश दिए जाएं कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कराई जाए।
- यदि समस्या का त्वरित समाधान नहीं हुआ तो ग्रामवासी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर मजबूर होंगे, जिसका पूर्ण दायित्व संबंधित विभागों पर होगा।
ग्रामीणों का रोष बढ़ा
ग्रामवासियों ने कहा कि विशेषकर गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण गंदे स्रोतों पर निर्भर होना पड़ा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ गया है। बच्चों में पेट संबंधी बीमारियाँ और त्वचा की समस्याएँ रिपोर्ट हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन समय पर कदम उठाता तो यह समस्या इतनी लम्बी नहीं होती।
क्या होना चाहिए — विशेषज्ञों की नज़र
जल आपूर्ति विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए अग्रिम सर्वेक्षण और सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य हैं। यदि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाए तो निर्माण एजेंसी को तुरंत मरम्मत कराना चाहिए तथा प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी जल स्रोत उपलब्ध कराना चाहिए। इसके साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए भूमि-नीचे से गुजरने वाली महत्वपूर्ण पाइपलाइनों का मानचित्र पहले से बनाकर संबंधित विभागों के साथ साझा किया जाए।
ग्रामवासियों की उम्मीद
तातापानी के ग्रामीण फिलहाल प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी माँगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन और मीडिया के माध्यम से अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन में यह किया उल्लेख







